पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत आज 26 सितंबर, शनिवार से हो गई है और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा. 16 दिनों तक चलने वाले इस काल में हम अपने पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करते हैं, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहे. इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बिहार के गया जी धाम पहुंचते हैं और अपने पितरों के लिए पिंडदान करते हैं. अगर, आप भी पिंडदान और श्राद्ध के लिए दिल्ली से गया जाने का प्लान बना रहे हैं. चलिए आपको बताते हैं दिल्ली से गया जाने के लिए रूट और पूरी डिटेल.
अगर, आप पितृपक्ष के दौरान दिल्ली से गया जाने का प्लान बना रहे हैं, तो वहां ट्रेन, सड़क और हवाई तीनों माध्यमों से आसानी से पहुंचा जा सकता है. गया, ईस्ट सेंट्रल रेलवे के ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन का एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है और यहां दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, पटना समेत कई बड़े शहरों से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है.
दिल्ली से गया ट्रेन से कैसे पहुंचें?
दिल्ली से गया जाने के लिए ट्रेन यात्रा सबसे सुविधाजनक ऑप्शन में से एक है. दोनों शहरों के बीच कई ट्रेनें चलती हैं. इनमें महाबोधि एक्सप्रेस (12398) सीधे दिल्ली और गया के बीच चलती है, जबकि पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12802) भी गया जंक्शन होकर गुजरती है. गया तीर्थ पोर्टल के अनुसार, चार राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें दिल्ली को गया जंक्शन से जोड़ती हैं. इनमें सियालदह राजधानी, कोलकाता राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी और रांची राजधानी शामिल हैं.
राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा करने पर गया पहुंचने में लगभग 12 घंटे लगते हैं, जबकि अन्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से यह सफर आमतौर पर 15 से 17 घंटे में पूरा होता है. इसके अलावा, मुंबई-हावड़ा मेल (12322) भी गया जंक्शन से होकर गुजरती है. अन्य ट्रेनों में जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (12308) और अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस (12988) शामिल हैं.
दिल्ली से गया सड़क के रास्ते कैसे पहुंचें?
गया सड़क मार्ग के जरिए भी देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है. ग्रैंड ट्रंक रोड इसे कई शहरों से जोड़ती है और गया से करीब 30 किलोमीटर दूर डोभी होकर गुजरती है. सड़क नेटवर्क के माध्यम से गया का संपर्क दिल्ली, कोलकाता, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, अमृतसर, रांची, जमशेदपुर, राउरकेला और हजारीबाग जैसे शहरों से है. इसके अलावा लोगों के लिए एक और आसान ऑप्शन है कि वे पहले पटना पहुंचें और वहां से गया जाएं. बिहार की राजधानी पटना, गया से लगभग 120 किलोमीटर दूर है और दोनों शहर सड़क और रेल मार्ग से जुड़े हुए हैं. पटना पहुंचने के बाद टैक्सी, कैब या बस की मदद से आसानी से गया पहुंच सकते हैं.
फ्लाइट से दिल्ली से गया कैसे पहुंचें?
जो लोग कम समय में गया पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए हवाई यात्रा एक अच्छा ऑप्शन है. गया में अपना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जिससे देश के कई शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं. गया तीर्थ पोर्टल के अनुसार, एयर इंडिया दिल्ली-गया-वाराणसी रूट पर उड़ान सेवा संचालित करती है, जिससे यात्रियों को सीधे गया पहुंचने में सुविधा होती है. अगर, आपको दिल्ली से गया के लिए सीधी फ्लाइट नहीं मिलती है, तो आप पटना एयरपोर्ट के लिए भी उड़ान ले सकते हैं.
गया जी में पिंडदान क्यों किया जाता है?
पितृपक्ष हिन्दू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की सर्वपितृ अमावस्या तक चलने वाला 16 दिनों का विशेष पक्ष है. इस अवधि में लोग अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी और अन्य पूर्वजों की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. मान्यता है कि इन दिनों पितरों का स्मरण और उनके नाम से दान-पुण्य करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. धार्मिक ग्रंथों जैसे गरुड़ पुराण, विष्णु पुराण और वायु पुराण में गयाजी को पितृ कर्मों के लिए सर्वोच्च तीर्थ बताया गया है. मान्यता है कि गयाजी में किया गया श्राद्ध और पिंडदान पितरों को विशेष फल प्रदान करता है. मान्यता है कि गयाजी में विधि-विधान से पिंडदान करने पर पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उन्हें जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है.
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