विज्ञापन

खुद पढ़ाई करने की जिद करेगा आपका बच्चा, स्टडी में हुआ साबित, पैरेंट्स कर लें ये काम

क्या आप जानते हैं कि बच्चों को जबरदस्ती पढ़ने के लिए मजबूर करने की जगह, अगर माता‑पिता कुछ आसान और सही कदम उठाएं तो बच्चों के अंदर खुद पढ़ने की जिद पैदा हो सकती है. एक रिसर्च में भी यह बात साबित हो चुकी है. आइए जानते हैं इस आसान तरीके के बारे में...

खुद पढ़ाई करने की जिद करेगा आपका बच्चा, स्टडी में हुआ साबित, पैरेंट्स कर लें ये काम
बच्चों को पढ़ाने के लिए क्या करें पैरेंट्स?
Freepik

Parenting Tips: हर माता‑पिता की चाहत होती है कि उनका बच्चा बिना बार‑बार टोके अपनी पढ़ाई की जिम्मेदारी खुद समझे और ईमानदारी से पढ़ाई करे. लेकिन चंचल मन और ध्यान भटकने की आदत के कारण कई बच्चे खुद से पढ़ाई नहीं कर पाते. एक हालिया सर्वे के मुताबिक, आनंद के लिए किताबें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या पिछले 20 सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों को जबरदस्ती पढ़ने के लिए मजबूर करने की जगह, अगर माता‑पिता कुछ आसान और सही कदम उठाएं तो बच्चों के अंदर खुद पढ़ने की जिद पैदा हो सकती है. एक रिसर्च में भी यह बात साबित हो चुकी है. आइए जानते हैं इस आसान तरीके के बारे में...

यह भी पढ़ें: बच्चे को ठंड लगने से कैसे बचाएं? पीडियाट्रिशियन ने बताए 3 आसान तरीके, पूरी सर्दी बीमार नहीं पड़ेगा बच्चा

क्या है आसान तरीका ?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, माता-पिता और अभिभावकों के लिए बच्चों में पढ़ने का शौक विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका उनके साथ मिलकर पढ़ना है, चाहे बच्चा पढ़ने में रुचि रखता हो या नहीं. स्टडीज में यह भी सामने आया है कि छोटे बच्चों को किताबें पढ़कर सुनाने से उनके शुरुआती मानसिक विकास में मदद मिलती है. ऐसे बच्चे आगे चलकर स्कूल में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं. साथ ही कम उम्र से पढ़ने की आदत डालने वाले बच्चों की भाषा समझने और सीखने की क्षमता भी तेज होती है.

जानिए क्या कहती है रिपोर्ट?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चों के साथ समय बिताकर पढ़ने से माता-पिता और बच्चों के बीच इमोशनल कनेक्शन मजबूत होता है, जो बच्चों और बड़ों दोनों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायेदमंद माना जाता है. चाइल्ड स्टडी इंस्टिट्यूट 'बुकट्रस्ट' की एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि जब माता‑पिता बच्चों के साथ मिलकर किताबें पढ़ते हैं, तो उनके बीच शुरू से ही एक गहरा लगाव बनता है. यही लगाव आगे चलकर बच्चों के स्वस्थ और संतुलित विकास की मजबूत नींव तैयार करता है. इसके अलावा जब बच्चा माता‑पिता के साथ मिलकर किताब पढ़ता है, तो उनके बीच आपसी समझ और बातचीत बढ़ती है.

पढ़ाई के दौरान पैरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान
  • पढ़ाई के समय घर में शांत और आरामदायक माहौल बनाएं.
  • पढ़ाई के दौरान मोबाइल, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरण दूर रखें.
  • बच्चों को यह आजादी दें कि वे अपनी पसंद की किताब चुन सकें.
  • कॉमिक्स, बच्चों की पत्रिकाएं, अखबार या उनकी पसंद की कोई भी चीज़ पढ़ने में शामिल करें.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com