ऑफिस में आपको कई तरह के लोग मिलते हैं. कई लोग ऐसे होते हैं जिनका व्यवहार हमें बहुत पसंद आता है और वे हमारी जिंदगी का काफी जरूरी हिस्सा बन जाते हैं. वहीं, कुछ लोगों का बिहेवियर इतना ज्यादा रूड होता है हम खुद ही बात करने में हिचकिचाते हैं. साथ ही ऐसे भी कुछ कलीग होते हैं जो जरूरत से ज्यादा अच्छा और फ्रेंडली बिहेव करते हैं, लेकिन कई बार उनकी बातें अजीब लगती हैं. ऐसे लोगों का उदाहरण दें तो जैसे जब मीटिंग में बॉस आपकी तारीफ करते हैं तो वो अचानक चुप हो जाता है, या फिर आपका कोई आइडिया चुराकर खुद यूज करने लगता है. ऐसे में मन में सवाल आता है कि क्या उसकी ये मिठास किसी छिपी हुई जलन को छिपा रही है? आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं...
क्या कहती है स्टडी?
2018 में जर्नल ऑफ एप्लाइड साइकोलॉजी में एक स्टडी में सैकड़ों कर्मचारियों पर किए गए एक्सपेरिमेंट और सर्वे के जरिए देखा गया कि जब कोई कलीग अपने सहकर्मी को तेजी से आगे बढ़ते हुए देखता है, तो उसका क्या रिएक्शन होता है. रिसर्च में पाया गया कि कई लोग तब इनसेक्योर महसूस करने लगते हैं, जब उन्हें लगता है कि उनके कलीग का करियर उनसे ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है. कॉम्पिटिटिव माहौल में यही इनसिक्योरिटी धीरे-धीरे जेलसी का रूप ले सकती है. इसके बाद कूछ लोग अपने कलीग को नुकसान पहुंचाने या उनकी राह में रुकावट पैदा करने की कोशिश भी कर सकते हैं, भले ही उस समय सामने वाला उनसे बेहतर पर्फॉर्म न कर रहा हो.
सोशल अंडरमाइनिंग
ऑफिस में कोई व्यक्ति खुलकर झगड़ा करे या गुस्सा दिखाए, तो उसकी नेगेटिव इमेज बन सकती है. यही वजह है कि वर्कस्पेस पर होने वाली जेलसी अक्सर खूलकर सामने नहीं आती, बल्कि छिपे हुए रूप में दिखाई देती है. 2021 में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, दबी हुई जलन का संबंध 'सोशल अंडरमाइनिंग' यानी किसी की इमेज या काम को धीरे-धीरे कमजोर करने वाले व्यवहार से होता है. ये फिल्मों की तरह खुली साजिश नहीं होती, बल्कि छोटी-छोटी बातों के जरिए सामने आती है.
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जलने वाले लोगों को कैसे पहचानें
जरूरी बातें भूलने का नाटक करना
किसी महत्वपूर्ण ईमेल में आपका नाम शामिल न करना या आखिरी समय तक जरूरी जानकारी शेयर न करना.
क्रेडिट देने में भेदभाव
ऐसे में लोग टीम की सक्सेस की बात तो करते हैं, लेकिन आपके योगदान का जिक्र नहीं करते.
मजाक के नाम पर ताने मारना
ऐसे लोग कटाक्ष भरी बातें कहते हैं और बाद में ये कह देते हैं कि 'मजाक था, इतनी सीरियस मत बनो.'
सामने सपोर्ट, पीछे चुप्पी
अकेले में ऐसे लोग आपकी तारीफ करते हैं, लेकिन जब अधिकारियों के सामने आपका सपोर्ट करने की जरूरत हो तो बिल्कुल चुप हो जाते हैं.
क्यों पहचानना मुश्किल होता है?
इनमें से हर घटना अपने आप में छोटी लग सकती है, इसलिए लोग अक्सर इन्हें सामान्य गलती समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन जब ऐसी बातें बार-बार होने लगती हैं, तो वे धीरे-धीरे आपका आत्मविश्वास और कार्यस्थल पर आपकी स्थिति को प्रभावित करती हैं.
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