How to Sleep Fast: क्या आप भी रात को थक कर बिस्तर पर जाते हैं? लेकिन नींद आंखों से कोसों दूर रहती है. कभी करवट बदलते रहते हैं, कभी घड़ी देखते रहते हैं और कभी बस सोचते रहते हैं कि नींद क्यों नहीं आ रही? सबसे पहले एक बहुत ही जरूरी बात समझ लीजिए. नींद कोई स्विच नहीं है जिसे आप जबरदस्ती ऑन कर सकें. जैसे-जैसे कभी-कभी हम कंप्यूटर को शट डाउन कर देते हैं, वैसे नींद को फोर्स नहीं किया जा सकता. नींद नेचुरली तब आती है जब बॉडी ठंडी हो. नर्वस सिस्टम शांत हो और माइंड को सही दिशा मिली हो. डॉक्टर हंसाजी ने कुछ आसान, प्रभावी और अद्भुत योगिक और आयुर्वेदिक टेक्निक्स के बारे में बताया है जिसमें आपको बिना किसी बिल या सप्लीमेंट के जल्दी और गहरी नींद लाने में मदद करेगी. अगर आप इन्हें नियमित रूप से और सही तरीके से फॉलो करेंगे तो धीरे-धीरे आपका स्लीप पैटर्न जरूर सुधरेगा.
3-2-1 रूल क्या है?
सबसे पहले थ्री टू वन रूल का पालन करें. कोई भी योगी तकनीक तब तक काम नहीं करती जब तक लाइफस्टाइल उसका सपोर्ट ना करें. इसलिए सबसे पहले याद रखिए थ्री-टू- वन रूल सोने से 3 घंटा पहले कुछ भी खाना बंद कर दीजिए. सोने से दो घंटे पहले कुछ लिक्विड फ्लूइड्स लेना बंद कर दीजिए. सोने से एक घंटे पहले सभी स्क्रीन, मोबाइल, टीवी, लैपटॉप बंद कर दीजिए. यह रूल कोई ऑप्शन नहीं है. यह जरूरी है. इसे अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना लीजिए. इसका साइंटिफिक और योगिक लॉजिक बहुत सिंपल है. जब डाइजेशन का प्रोसेस पूरा हो जाता है तो ही शरीर को रेस्ट मिलता है. जब ब्लैडर खाली होता है तो नींद बार-बार डिस्टर्ब नहीं होती और जब ब्लू लाइट हट जाती है तो मेलाटोनिन जो स्लीप हॉर्मोन है नेचुरली रिलीज होता है. हर रात थ्री-टू-वन रिदम में फॉलो कीजिए. धीरे-धीरे शरीर और माइंड को सिग्नल मिलने लगता है कि भाई अब सोने का समय हो गया है.
जब आपकी ये हैबिट सेटल हो जाती है इसके बाद आपको दूसरी प्रैक्टिस करनी है. ये प्रैक्टिस भी अच्छे से काम करती है. ये है शरीर को शांत करने की योगिक तैयारी. जब यह रिदम सेट हो जाती है तो योगिक प्रैक्टिस और भी अच्छे से काम करने लगती है.
मकरासन
पहला है मकरासन. सोने से 15-20 मिनट पहले पेट के बल जमीन या बेड पर लेट जाए. हाथ एक दूसरे के ऊपर फोल्ड करके फोरहेड उस पर रेस्ट कर दीजिए. पैर थोड़े खुले रखिए और पेट को जमीन पर सॉफ्टली प्रेस होने दें. अब बस धीरे-धीरे सांस लीजिए और सांस छोड़ते समय पेट की मूवमेंट को ऑब्जर्व कीजिए. यह पॉश्चर सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है. पाइन को ढीला करता है. बेचैनी कम करता है. जो लोग सोने से पहले रेस्टलेस महसूस करते हैं, उनके लिए यह पॉश्चर बहुत उपयोगी है.
शीतकारी प्राणायाम
दूसरा है शीतकारी प्राणायाम. अब हम श्वास के माध्यम से शरीर की गर्मी को संतुलित करेंगे. यहां कंफर्टेबल स्थिति में बैठ जाए. दांत हल्के से बंद रखें और मुंह से सांस अंदर लें. आपको ठंडक की फीलिंग महसूस होगा. फिर मुंह बंद करके नाक से सांस बाहर छोड़िए. इस टेक्निक को सिर्फ पांच राउंड कीजिए ज्यादा नहीं. यह प्राणायाम शरीर की गर्मी को कम करता है. ब्लड प्रेशर को शांत करता है और पैरासिंथैटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट करता है जो नींद के लिए बहुत जरूरी होता है. अगर आप किसी मेडिकल कंडीशन या सीवियर इनसोमनिया या किसी दवा पर हैं तो इन प्रैक्टिस को डॉक्टर या योगा थेरेपिस्ट से पूछकर ही करें.
मन को ठंडा और स्थिर करने की प्रक्रिया

मून गेजिंग
पहला है मून गेजिंग. चांद को निहारना. अगर रात को चांद दिख रहा हो खासकर फुल मून के आसपास तो किसी शांत जगह पर बैठकर चांद को सॉफ्ट गेज से सिर्फ 3 से 5 मिनट तक देखिए. चांद की ठंडी सफेद रोशनी माइंड को संतुलित करती है. इमोशंस को शांत करती है और मेलेटोनिन को नेचुरली रेगुलेट करती है. आयुर्वेद में इसे सोम एनर्जी कहा गया है. एक अमृत जैसी शक्ति जो पित्त और एंग्जायटी को शांत करती है.
शवासन
दूसरी टेक्निक है शवासन. एक्सपर्ट ने रेकमेंड किया है कि दिन में कम से कम एक बार शवासन जरूर करें और रात को सोने से पहले तो यह और भी लाभकारी है. इसको करने के लिए सीधे लेट जाइए. आंखें बंद कर लीजिए. शरीर के हर हिस्से को धीरे-धीरे रिलैक्स होने दीजिए. सांस डायफ्राम से लीजिए. मन ही मन देखिए कि हर सांस के साथ पेट ऊपर नीचे हो रहा है. इससे हार्ट रेट धीमा होता है और कॉर्टिसोल के लेवल कम होते हैं जो उन लोगों में ज्यादा होता है जिन्हें नींद नहीं आती.
बेहतर नींद लाने के घरेलू उपाय
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अजवाइन और कपूर
अब कुछ आसान आयुर्वेदिक घरेलू उपाय देखते हैं. कुछ भारतीय घरों में भुनी हुई अजवाइन या थोड़ा सा कपूर तकिए के पास रखा जाता है. यह सुपरस्टिश नहीं है. इनकी हल्की सी खुशबू रेस्पिरेटरी सिस्टम को शांत करती है. नेजल पैसेजेस को ओपन करती है और सिर में हल्कापन लाती है. जिन्हें रात में नेजल कंजेशन होता है. ये उनके लिए बहुत ही मददगार है.
चंदन का लेप
शरीर की गर्मी कम करने के लिए पैरों का उपचार करिए. अगर रात को शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस होती है तो आयुर्वेद सजेस्ट करता है चंदन पाउडर को थोड़े से गुलाब जल में मिक्स करें. इसका पतला सा लेयर पैरों के तलुए पर लगाइए. बॉडी टेंपरेचर का हल्का सा ड्रॉप ब्रेन को सिग्नल देता है कि अब यह सोने का समय है.
खुद से करें बातें
माइंड को पॉजिटिव सिग्नल दीजिए. सोने से पहले चिंता करने की बजाय ये अफमेशन धीरे-धीरे दोहराइए. मैं सुरक्षित हूं. मैं शांत हूं. मैं आराम से सो पाऊंगी. साइकोलॉजी भी मानती है कि यह सेल्फ टॉक सबकॉन्शियस माइंड को शांत करता है और रात की एंग्जायटी को कम करता है.
याद रखिए नींद फोर्स से नहीं आती. नींद तब आती है जब शरीर रिलैक्स्ड हो. नर्वस सिस्टम शांत हो. सांस बैलेंस्ड हो और माइंड को प्यार से अंदर की ओर ले जाया जाए. आज ही रात से 3-2-1 रूल शुरू कीजिए. इन प्रैक्टिससेस में से एक या दो को चुन लीजिए जो आपको सूट करे. इसे अपने नाइट रूटीन का हिस्सा बना लीजिए और देखिए कि नींद कितनी आसानी से सुंदरता से अपने बाहों में आंख को ले लेती है.
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