अगर दिल्ली की भागदौड़ से दूर पहाड़ों में कुछ सुकून भरे दिन बिताने का मन है, तो पांगोट अच्छा ऑफबीट विकल्प हो सकता है. नैनीताल से करीब 15 किलोमीटर दूर यह छोटा-सा पहाड़ी इलाका जंगल, पक्षियों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है. उत्तराखंड पर्यटन भी पांगोट को पक्षी देखने और प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए खास जगह बताता है.
दिल्ली से पांगोट कैसे पहुंचें
जानकारी के अनुसार, दिल्ली से पांगोट की सड़क दूरी करीब 300-320 किलोमीटर के आसपास पड़ती है और ट्रैफिक व मौसम के हिसाब से 6-8 घंटे या उससे ज्यादा लग सकते हैं. अगर आप परिवार में माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ पांगोट जाना चाहते हैं तो आप दिल्ली से गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, रुद्रपुर, हल्द्वानी, नैनीताल होते हुए यहां पहुंच सकते हैं. नैनीताल से आगे करीब 15 किलोमीटर की पहाड़ी ड्राइव करनी पड़ती है.
क्यों खास है पांगोट
अगर पांगोट के बात करें तो इस पहचान घने जंगलों और पक्षियों की कई प्रजातियों के लिए है. आपकी जानकारी के लिए बताा दें कि यहां बर्डवॉचिंग, जंगल वॉक और नेचर फोटोग्राफी का मजा लिया जा सकता है. उत्तराखंड पर्यटन के मुताबिक, पांगोट-किलबरी क्षेत्र में करीब 600 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं.
आसपास क्या देखें
बता दें कि पांगोट के साथ नैनीताल की नैनी झील, नैना देवी मंदिर और दूसरे प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी ट्रिप में शामिल किया जा सकता है. पांगोट से जंगलों और पहाड़ी रास्तों पर नेचर वॉक भी की जा सकती है.
कब जाएं पांगोट
आपको बता दें कि मार्च से जून का मौसम घूमने के लिए सुहाावना रहता है. वहीं सर्दियों में पांगोट का मौसम काफी ठंडा हो जाता है और बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है.
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