अगर आने वाले वीकेंड दिल्ली की भागदौड़ से दूर पहाड़ों की सैर करना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का अल्मोड़ा अच्छा विकल्प हो सकता है. हिमालयी नजारों, पुराने मंदिरों और शांत माहौल के लिए मशहूर अल्मोड़ा में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां लोग अपनी मनोकामना भगवान को चिट्ठी में लिखकर पहुंचाते हैं. चितई गोलू देवता मंदिर में लगी हजारों घंटियां भी यहां आने वाले पर्यटकों का ध्यान खींचती हैं. उत्तराखंड पर्यटन विभाग भी अल्मोड़ा को प्राकृतिक खूबसूरती, मंदिरों और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल बताता है.
चितई मंदिर में भगवान को लिखते हैं चिट्ठी
अल्मोड़ा का चितई गोलू देवता मंदिर इस ट्रिप का खास पड़ाव हो सकता है. मान्यता के अनुसार गोलू देवता को न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है. मंदिर परिसर में भक्त घंटियां चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामना लिखकर पत्र भी अर्पित करते हैं. मंदिर तक पहुंचने के लिए अल्मोड़ा से स्थानीय टैक्सी ली जा सकती है. उत्तराखंड पर्यटन के मास्टर प्लान में भी चितई मंदिर को अल्मोड़ा के प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षणों में शामिल किया गया है. अगर आपको पहाड़ों में सूर्योदय और सूर्यास्त देखना पसंद है तो ब्राइट एंड कॉर्नर जरूर जाएं. यहां से आसपास की पहाड़ियों और आसमान के बदलते रंगों का खूबसूरत नजारा मिलता है. यह जगह अल्मोड़ा की लोकप्रिय विजिटिंग स्पॉट्स में शामिल है.
नंदा देवी मंदिर भी जाएं
इसके अलावा, अल्मोड़ा शहर में स्थित नंदा देवी मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों लिहाज से खास है. मंदिर की वास्तुकला और स्थानीय परंपराएं इसे बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाती हैं. सितंबर में यहां लगने वाला नंदा देवी मेलाा भी लोगों को आकर्षित करता है.
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प्रकृति पसंद है तो बिनसर और जीरो पॉइंट
साथ ही, पहाड़ों और जंगलों के बीच समय बिताना चाहते हैं तो बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की तरफ जा सकते हैं. जीरो पॉइंट से हिमालयी चोटियों के खूबसूरत नजाारे देखने को मिलते हैं. ट्रैकिंग करने वालों के लिए यह जगह खाास अनुभव दे सकती है.
जागेश्वर में एक साथ दिखेंगे कई प्राचीन मंदिर
अल्मोड़ा से करीब 36 किलोमीटर दूर जागेश्वर मंदिर समूह देखा जा सकता है. उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार यहां 124 मंदिरों का समूह है, जबकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने परिसर के कई मंदिरों को संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल कियाा है.
दिल्ली से कैसे पहुंचें?
दिल्ली से अल्मोड़ा सड़क मार्ग से जाने का विकल्प सुविधाजनक है. अपनी कार से गाजियाबाद, मुरादाबाद, रुद्रपुर और हल्द्वानी होते हुए अल्मोड़ा पहुंचा जा सकता है. रेल से जाने पर काठगोदाम प्रमुख नजदीकी रेलहेड है, जहां से आगे टैक्सी या बस ली जा सकती है. पहाड़ी सफर में मौसम और सड़क की स्थिति देखकर यात्रा का समय तय करनाा बेहतर रहेगा.
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