घर की लकड़ी में छोटे छेद, मिट्टी जैसी पतली लकीरें या फर्नीचर के खोखला होने का एहसास हो तो इसे मामूली बात समझकर छोड़ना ठीक नहीं है. दीमक धीरे-धीरे लकड़ी और घर के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में कुछ छोटी आदतों को अपनाकर दीमक के खतरे को कम किया जा सकता है.
नमी वाली जगहों पर रखें नजर
जानकारी के अनुसार, दीमक से बचाव के लिए सबसे पहले घर में नमी को कंट्रोल करना जरूरी है. सिंक के नीचे, बाथरूम, किचन या पाइप के आसपास पानी रिस रहा हो तो उसे तुरंत ठीक कराएं. घर की नींव के पास पानी जमा न होने दें. नमी कम रखने और लीकेज ठीक करने की सलाह विशेषज्ञ संस्थाएं भी देती हैं.
लकड़ी और गत्ता जमा न करें
अगर आपके घर में पुराने लकड़ी के टुकड़े, फर्नीचर, कागज या गत्ते का ढेर लगा है तो उसे तुरंत हटा दें. लकड़ी को सीधे मिट्टी के संपर्क में रखने से भी बचें. इससे दीमक को घर तक पहुंचने का रास्ताा मिल सकता है.
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दरवाजे और अलमारी जरूर करें चेक
दरवाजे की चौखट, अलमारी, बेड और लकड़ी के दूसरे सामान को समय-समय पर देखते रहें. लकड़ी में खोखलापन, सुरंग जैसी मिट्टी की लकीरें या अचानक नुकसान दिखाई दे तो जांच कराएं. ये दीमक की गतिविधि के संकेत हो सकते हैं.
ज्यादा नुकसान हो तो एक्सपर्ट बुलाएं
इसके अलावा, अगर दीमक फैल चुकी है तो सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है. दीमक को घर में फैलने से रोकने वाले एक्सपर्ट से घर का निरीक्षण कराकर उचित ट्रीटमेंट कराना बेहतर है. कीटनाशक आधारित उपचार प्रशिक्षित पेस्ट-कंट्रोल प्रोफेशनल से ही कराने की सलाह दी जाती है.
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