पढ़ाई में मन नहीं लगना एक कॉमन प्रॉब्लम है जो ज्यादातर बच्चों के साथ होती हैं. पेरेंट्स और टीचर्स दोनों को इस वजह से बच्चों से शिकायत होती कि उनका मन खेलने में या इधर उधर ज्यादा होता है मगर जब पढ़ाई की बात आती है तो बच्चे इससे बचने की कोशिश में जुट जाते हैं या बिना मन से पढ़ाई करते है जिससे उनका फोकस पढ़ाई पर नहीं होता. ऐसे में पेरेंट्स को बच्चों में कुछ आदतें जरूरी डालनी चाहिए, जिससे उनका पढ़ाई में कंसन्ट्रेशन बना रहे. इसी कड़ी में आज हम आपको ऐसी 7 आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पेरेंट्स को बच्चों को जरूरी सिखानी चाहिए. इसकी जानकारी नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में एडमिशन और आउटरीच के डायरेक्टर आकाश शर्मा ने दी है.
1. टाइम टेबल बनाएं
आकाश ने बताया कि पेरेंट्स बच्चों का एक टाइम टेबल जरूर बना दें. इससे बच्चों को फोकस करने में दिक्कत नहीं होगी. एक टाइम बनाने से ब्रेन को सिग्नल मिल जाता है कि अब फोकस मोड ऑन करना है और उस वक्त कुछ छोटी-छोटी चीजें जैसे बुक्स निकालना, टेबल पर बैठना, अपने प्रोजेक्ट या असाइनमेंट्स के बारे में सोचना दिमाग को फोकस करने में मदद करता है.
2. फोन से दूरी
पढ़ते वक्त कोशिश करें कि बच्चों को फोन से दूर रखा जाए. ऐसा इसलिए क्योंकि फोन में आ रहे मेसेजस, कॉल्स, या नोटिफिकेशन दिमाग को डिस्ट्रैक्ट करते हैं और दिमाग सोचने लगता है किस तरह पढ़ाई से बचकर वो फोन यूज करे या किसका मैसेज आया है देखें. कोशिश करें कि बच्चा लिखकर पढ़े, उससे ब्रेन फोकस्ड रहता है और पढ़ने की इच्छा बढ़ती है और फोकस भी बढ़ता है.

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3. पर्याप्त नींद
आकाश बताते हैं कि बच्चों को ज्यादातर पढ़ते वक्त नींद आती है. यह इसलिए होता है क्योंकि पढ़ने का सोच कर ब्रेन ओवरथिंक करने लगता है और स्ट्रेस महसूस करता है जिससे फोकस करने में मुश्किल होती है. इसके अलावा नींद की कमी भी पढ़ते वक्त बच्चों को फोकस करने में परेशान करती है. ऐसे में पेरेंट्स बच्चों को पर्याप्त नींद लेने दें.
4. छोटे ब्रेक
पढ़ते वक्त छोटे-छोटे ब्रेक बच्चों के टाइम टेबल में शामिल करें. उदाहरण के तौर पर 25 मिनट के बाद 5 मिनट का एक छोटा ब्रेक दें और फिर पढ़ना जारी करें. इससे ब्रेन को रेस्ट मिलता है और वापस पढ़ते वक्त फोकस भी मजबूत होता है.
5. सोने से पहले जरूर करें ये काम
रात में सोने के पहले पूरे दिनभर में क्या-क्या किया उसे एक बार बच्चे को जरूर दोहराना चाहिए. ये चीजों को याद रखने की क्षमता को बढ़ाता है और मोटिवेशन का भी कम करता है.
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