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बच्चे की मेंटल हेल्थ बिगाड़ देती हैं माता-पिता की ये 9 आदतें, पीडियाट्रिशियन ने कहा आज ही कर दें बंद

Parenting Tips: डॉक्टर कहते हैं, पैरेंट्स की कुछ आम आदतें बच्चों के आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और सोचने की क्षमता को कमजोर कर देती हैं. इसलिए इन आदतों को तुरंत छोड़ना जरूरी है.

बच्चे की मेंटल हेल्थ बिगाड़ देती हैं माता-पिता की ये 9 आदतें, पीडियाट्रिशियन ने कहा आज ही कर दें बंद
पैरेंट्स को नहीं करनी चाहिए ये गलतियां

Parenting Tips: आज के समय में बच्चों का सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होना बेहद जरूरी है. लेकिन कई बार माता-पिता अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो बच्चे की मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचा देती हैं. मशहूर पीडियाट्रिशियन रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में बच्चों के डॉक्टर ने 9 ऐसी ही गलतियों का जिक्र किया है. डॉक्टर कहते हैं, पैरेंट्स की कुछ आम आदतें बच्चों के आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और सोचने की क्षमता को कमजोर कर देती हैं. इसलिए इन आदतों को तुरंत छोड़ना जरूरी है.

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नंबर 1- बार-बार डांटना 

सबसे पहली गलती है बार-बार डांटना और आलोचना करना. बार-बार टोकने और तारीफ कम करने से बच्चे को लगने लगता है कि वो किसी भी काम में अच्छा नहीं है. इससे उसका आत्मविश्वास टूट जाता है. 

नंबर 2- दूसरों से तुलना करना

दूसरी बड़ी गलती है हमेशा दूसरों से तुलना करना. 'वो बच्चा ऐसा है, तुम क्यों नहीं?' जैसी बातें बच्चों के अंदर हीन भावना और शर्म पैदा करती हैं. ऐसे में अपने बच्चे की किसी अन्य से तुलना करने से बचें. 

नंबर 3- बच्चों की भावनाओं को नजरअंदाज करना

तीसरी गलती है बच्चों की भावनाओं को नजरअंदाज करना. जब बच्चे रोते या अपना दुख बताते हैं और माता-पिता उसे नजरअंजाज करते हैं या नाटक समझकर उल्टा बच्चे को डांटने लगते हैं, तो बच्चा को लगता है कि उसकी भावनाओं की कोई कीमत नहीं है. इसका सीधा असर उसकी मेंटल हेल्थ पर पड़ता है.

नंबर 4- ज्यादा स्क्रीन टाइम देना

चौथी गलत आदत है ज्यादा स्क्रीन टाइम देना. इससे समय के साथ बच्चे के ध्यान, नींद और मूड पर असर पड़ता है और बच्चा असली दुनिया से दूर होने लगता है.

नंबर 5- पढ़ाई का दबाव

पांचवीं बड़ी समस्या है ज्यादा पढ़ाई का दबाव. हर समय मार्क्स, रैंक और परफॉर्मेंस की बात करने से बच्चा तनाव और डर में जीने लगता है. 

नंबर 6-  बच्चे पर चिल्लाना

बच्चे पर चिल्लाने या उसे कोई कड़ी सजा देने से उसके मन में डर बैठ जाता है. इससे बच्चे का दिमाग तनाव में रहने लगता है और वह चीजों को ठीक से सीख नहीं पाता है.

नंबर 7- क्वालिटी टाइम न देना

डॉक्टर मलिक बताते हैं, केवल साथ रहना काफी नहीं है, ब्लिक भावनात्मक रूप से मौजूद रहना भी जरूरी है. वरना बच्चा खुद को अकेला महसूस करने लगता है.

नंबर 8- बार-बार नियम बदलना

आठवीं गलती है बार-बार नियम बदलना. जब घर के नियम बार-बार बदलते रहते हैं, तो बच्चा कंफ्यूज हो जाता है. इससे उसे समझ नहीं आता है कि क्या सही है और क्या गलत. ऐसे में वो कई गलत बातों को भी आम मानने लगता है.

नंबर 9- अपना तनाव बच्चों पर थोपना 

इन सब से अलग नौवीं बड़ी गलती है अपने तनाव और परेशानी को बच्चों पर थोपना.  जब पैरेंट्स बार-बार बच्चे के सामने लड़ते हैं या बार-बार अपनी परेशानी को बच्चे के सामने शेयर करते हैं, तो इससे उसकी मेंटल हेल्थ भी खराब होने लगती है. ऐसे में वो अपनी भावनाएं अंदर दबा लेता है, जो आगे चलकर नुकसानदेह होता है.

डॉक्टर मलिक कहते हैं कि बच्चों की मानसिक सेहत तभी मजबूत होती है, जब वे सुने जाएं, समझे जाएं और सुरक्षित महसूस करें. इसलिए अपने व्यवहार पर ध्यान देना हर माता-पिता के लिए बेहद जरूरी है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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