उत्तर प्रदेश के 29 पीसीएस अधिकारियों को प्रमोशन मिला है और अब उन्हें IAS बना दिया गया है. कमेटी के फैसले के बाद विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी किया है. इन सभी अधिकारियों को अब अलग-अलग जिलों या फिर विभाग में तैनाती दी जाएगी. अब ऐसे में सवाल है कि IAS बनने के बाद इन पीसीएस अधिकारियों के कामकाज से लेकर सैलरी और बाकी किन चीजों में क्या-क्या बदलाव होगा? आज हम आपको बताएंगे कि पीसीएस अधिकारियों को प्रमोशन कैसे होता है और इसके बाद उन्हें किस तरह की सुविधाएं मिलती हैं.
IAS और पीसीएस में क्या होता है अंतर?
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि आईएएस अधिकारी और पीसीएस अधिकारी में अंतर क्या होता है. IAS बनने के लिए यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देनी होती है, जो ऑल इंडिया लेवल का एग्जाम है. वहीं पीसीएस बनने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा देनी होती है, जो उसी राज्य से संबंधित होती है.
कैसे होता है PCS अधिकारियों का प्रमोशन?
राज्य सरकार की तरफ से पीसीएस अधिकारियों को आईएएस अधिकारी के तौर पर प्रमोट किया जाता है, लेकिन इसके लिए एक पूरा प्रोसेस फॉलो करना होता है. राज्य सरकार की चयन समिति कुछ सीनियर पीसीएस अधिकारियों का नाम सामने रखती है, जिनका रिकॉर्ड शानदार होता है. आमतौर पर ऐसे अधिकारियों का अनुभव 15 साल से ज्यादा होता है. कमेटी तमाम तरह के रिकॉर्ड्स और बाकी चीजों की जांच करने के बाद ये लिस्ट केंद्र को सौंपती है. आखिर में केंद्र की मंजूरी के बाद पीसीएस अधिकारियों को प्रमोट कर आईएएस बनाया जाता है.
PCS से IAS बनने पर क्या बदल जाता है?
- PCS अधिकारी प्रमोट होने के बाद देशभर में कहीं भी काम कर सकते हैं या फिर उन्हें ड्यूटी पर भेजा जा सकता है.
- पीसीएस अधिकारी प्रमोट होने के बाद किसी भी जिले में डीएम के पद पर तैनात किए जा सकते हैं और उनकी पावर भी बढ़ जाती है.
- डीएम बनने के बाद उनके अंडर में उस जिले में काम करने वाले सभी PCS अधिकारी आते हैं.
- पीसीएस से आईएएस बनने के बाद बड़ा बंगला, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और घर के कामकाज के लिए लोग मिलते हैं.
- डीएम बनने के बाद कारों का काफिला भी बढ़ जाता है और इसमें स्कॉर्ट व्हीकल जोड़े जाते हैं.
- पीसीएस के तौर पर मिलने वाली सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है, प्रमोशन के बाद बेसिक सैलरी और डीए समेत तमाम चीजें ज्यादा मिलती हैं.
- IAS बनने के बाद पे लेवल 12 से लेकर 15 तक का वेतन मिलता है, जिससे इन हैंड सैलरी में बड़ा अंतर आता है.
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