Marks Needed for Top Rank In UPSC : संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में लाखों उम्मीदवार आईएएस, आईपीएस जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं का सपना लेकर उतरते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर फाइनल रिजल्ट में कितने नंबर हासिल करने पर टॉप रैंक के करीब पहुंचा जा सकता है? सुनने में यह थोड़ा हैरान करने वाला लग सकता है कि 2025 में से करीब 1000-1100 अंक का स्कोर भी बेहद शानदार माना जा सकता है. यानी कुल अंकों का लगभग आधा या थोड़ा ज्यादा. दरअसल, UPSC की फाइनल मेरिट मेन्स के लिखित पेपर और इंटरव्यू के अंकों से बनती है. कुल 2025 अंक में मेन्स के 1750 और इंटरव्यू के 275 अंक शामिल होते हैं.
1080 के आसपास स्कोर तो टॉप रैंक की रेस
अगर किसी उम्मीदवार का फाइनल स्कोर 1050 से 1100 के आसपास पहुंचता है, तो वह बेहद ऊंची रैंक की दौड़ में माना जा सकता है. खासकर 1080 के आसपास का स्कोर सुनने में भले ही 2025 में से सिर्फ करीब 53 फीसदी लगे, लेकिन UPSC जैसी परीक्षा में यह बेहतरीन स्कोर हो सकता है. हालांकि किसी निश्चित स्कोर पर हर साल एक जैसी रैंक मिले, यह जरूरी नहीं है.
फाइनल स्कोर अगर 1030 से 1050 के आसपास है तो भी उम्मीदवार के लिए अच्छी रैंक की उम्मीद बन सकती है. इस स्तर पर कुछ अंकों का अंतर भी रैंक में बड़ा बदलाव कर सकता है. यही वजह है कि UPSC में हर नंबर की अहमियत समझी जाती है. 1000 अंक 2025 के कुल अंकों का करीब 49.4 फीसदी है. यानी तकनीकी रूप से आधे से भी कम. इसके बावजूद ऐसा स्कोर फाइनल मेरिट में मजबूत स्थिति बना सकता है. रैंक कितनी होगी, यह उस परीक्षा के स्तर और बाकी उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा.
किस रैंक पर मिलता है IAS-IPS
सिविल सर्विसेस की तैयारी कराने वाले विकास दिव्यकीर्ति सर ने एक वीडियो में बताया कि, आमतौर पर जनरल कैटेगरी में सिलेक्शन 500 नंबरों के आसपास होता है. जनरल में IAS बनने के लिए पहले 100 रैंक या इसके आसपास आना होता है. वहीं अगर आप ओबीसी में हैं तो आपको 400 रैंक तक IAS मिल जाएगा, अगर आप SC/ST में हैं तो करीब 500 रैंक तक IAS मिल सकता है. विकास दिव्यकीर्ति सर ने आगे बताया कि IPS बनने के लिए जनरल कैटेगरी में करीब 200 रैंक तक लानी होगी, वहीं ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को करीब करीब 500 रैंक तक और बाकी एससी-एसटी कैटेगरी वालों को 600 रैंक तक आईपीएस मिल सकता है.
तो याद रखें ये 'मोटा हिसाब'
मोटे तौर पर 1080 के आसपास यानी टॉप रैंक की मजबूत दौड़, 1030-1050 यानी बहुत ऊंची रैंक की संभावना, 1000 के आसपास यानी मजबूत रैंक की उम्मीद और 950-1000 यानी अभी भी प्रतिस्पर्धा में बने रहने की स्थिति समझी जा सकती है. लेकिन इसे कोई फिक्स फॉर्मूला नहीं माना जा सकता. हर साल पेपर, उम्मीदवारों के प्रदर्शन और कटऑफ के हिसाब से यह गणित बदलता रहता है, इसलिए स्कोर को रैंक की गारंटी नहीं बल्कि एक मोटे बेंचमार्क की तरह देखना चाहिए.
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