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SSC CGL Exam 2026: तैयारी का आखिरी मौका, इन टिप्स से बढ़ सकते हैं सिलेक्शन के चांस

SSC CGL टियर-1 परीक्षा 30 सितंबर से शुरू होने जा रही है. 12,256 पदों पर भर्ती के लिए होने वाली इस परीक्षा से पहले जानिए परीक्षा पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग, मॉक टेस्ट की अहमियत और आखिरी दिनों तैयारी की स्ट्रैटजी.

SSC CGL Exam 2026: तैयारी का आखिरी मौका, इन टिप्स से बढ़ सकते हैं सिलेक्शन के चांस
मैथ और रीजनिंग सेक्शन में तेजी लाने के लिए बेसिक कॉन्सेप्ट और शॉर्ट ट्रिक्स की प्रैक्टिस करनी चाहिए.

SSC CGL 2026 Tier-1 परीक्षा में बस कुछ दिन बाकी है. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) 30 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक परीक्षा आयोजित करेगा. बता दें कि आयोग एग्जान सिटी, डेट्स और शिफ्ट की जानकारी देने वाली सिटी इंटिमेशन स्लिप भी जारी कर चुका है.ऐसे में आइए जानते हैं आखिरी समय में आप अपनी तैयारी को और पुख्ता कैसे कर सकते हैं और अच्छा स्कोर कर सकते हैं.

परीक्षा पैटर्न कैसे होगा

परीक्षा पैटर्न की बात करें तो Tier-1 में कुल 100 ऑब्जेक्टिव क्वेश्च्न पूछे जाएंगे, जो 200 नंबर के होंगे. पेपर में जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन से 25-25 क्वेश्चन होंगे. हर सेक्शन 50 नंबर का रहेगा. 

पेपर सॉल्व करने के लिए मिलेगा 60 मिनट

कैंडिडेट्स को पूरा पेपर हल करने के लिए सिर्फ 60 मिनट दिए जाएंगे. वहीं, हर गलत आंसर पर 0.50 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी होगी.

परीक्षा से पहले नए टॉपिक न करें शुरू

एक्सपर्ट्स का मानना है कि परीक्षा से ठीक पहले नए टॉपिक शुरू करने के बजाय पहले से पढ़े गए सब्जेक्ट्स को रिवाइज करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा. जिन चैप्टर में बार-बार गलती हो रही है, उन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. साथ ही सभी सब्जेक्ट्स के जरूरी फॉर्मूले, नियम और शॉर्ट नोट्स एक जगह तैयार करके नियमित रूप से रिवाइज करना चाहिए.

इस समय केवल पढ़ना काफी नहीं है. कैंडिडेट्स को रोजाना फुल-लेंथ मॉक टेस्ट देकर अपनी स्पीड और टाइम मैनेजमेंट चेक करनी चाहिए. मॉक टेस्ट के बाद गलत सवालों को लेकर चिंतन करना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि इससे कमजोरियों का पता चलता है और सुधार का मौका मिलता है.

इन टॉपिक्स पर दें ध्यान

मैथ और रीजनिंग सेक्शन में तेजी लाने के लिए बेसिक कॉन्सेप्ट और शॉर्ट ट्रिक्स की प्रैक्टिस करनी चाहिए. वहीं अंग्रेजी में ग्रामर, वोकैबुलरी, सिनोनिम और एंटोनिम जैसे टॉपिक्स पर नियमित प्रैक्टिस जरूरी है. पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर सॉल्व करने से भी एग्जाम के लेवल और पेपर किस तरह का आएगा समझने में मदद मिलेगी.

जो आता है पहले उसे हल करें

परीक्षा के दिन उम्मीदवारों को पहले उन्हीं सवालों को हल करना चाहिए जिनका उत्तर उन्हें पूरी तरह आता हो. मुश्किल प्रश्नों पर अधिक समय बर्बाद करने से बचना चाहिए. परीक्षा से एक दिन पहले देर रात तक पढ़ाई करने के बजाय पर्याप्त नींद लेना बेहतर रहेगा, ताकि परीक्षा के दौरान एकाग्रता बनी रहे और प्रदर्शन बेहतर हो सके.

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