झारखंड के चतरा जिले में भूख के कारण एक महिला की मौत का मामला सामने आया है. यह मामला इटखोरी थाना क्षेत्र के इटखोरी बाजार का है. जानकारी के अनुसार, बिहार के गया जिला अंतर्गत डोभी की रहने वाली मीना मुसहरीन नामक महिला अपने परिवार के साथ इटखोरी थाना क्षेत्र में रहकर कबाड़ चुनने का काम करती थी. वह पिछले कई दिनों से बीमार थी. मृतका के परिजनों के अनुसार बीमार होने के कारण महिला पिछले दस दिनों से कुछ खा नहीं रही थी जिसके चलते उसे भूख जनित बीमारियों ने अपनी चपेट में ले लिया था और उसकी मौत हो गई. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मीणा का पुत्र उसका उपचार कराने इटखोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र ईटखोरी पहुंचा. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया
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नहीं जागी अस्पताल प्रबंधन की संवेदना
अपनी मां को जीवित समझकर उसका उपचार कराने अस्पताल पहुंचे मीणा के पुत्र को देखकर अस्पताल प्रबंधन की भी संवेदना नहीं जागी. अपनी मां के शव को कंधे पर लेकर उसका पुत्र अस्पताल के एक कमरे से दूसरे कमरे तक भटकता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की. जब मीडियाकर्मियों की भीड़ अस्पताल में उमड़ी तो मौके पर मौजूद चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी हरकत में आए और आनन-फानन में मृत महिला के शव को उसके बेटे के कंधे से उतार कर अस्पताल के बेड पर लिटाया. इससे पूर्व ना तो उसे किसी तरह का स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया गया और ना ही उसकी बीमार मां की स्वास्थ्य जांच की गई. इस दौरान अस्पताल में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को खोज रही बेबस पुत्र की आंखों ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी.
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मुख्यमंत्री दाल भात योजना पर उठ रहे सवाल
भूख से महिला की मौत के बाद प्रखंड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना पर भी सवाल उठने लगे हैं. मृतका के पुत्र के अनुसार, मीना विगत 10 दिनों से कुछ नहीं खाई थी जिसके कारण गंभीर बीमारियों के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. ऐसे में यह सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री दाल भात योजना का संचालन आखिर किसके लिए होता है. जब भूख से गरीब व असहाय लोग अकाल मौत के गाल में समा ही रहे हैं तो ऐसे योजनाओं के संचालन का औचित्य क्या है. लोग प्रखंड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना की जांच की मांग करने लगे हैं.
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एडीएम रैंक के अधिकारी करेंगे मामले की जांच
इटखोरी में भूख जनित रोग से मुशहर महिला की मौत के मामले को उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने एडीएम रैंक के अधिकारियों से घटना की जांच कराने का निर्देश दे दिया है. डीसी ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.
VIDEO: झारखंड में भूख से महिला की मौत
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