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This Article is From Dec 31, 2019

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा -किसी विधानसभा के पास नागरिकता कानून पर कोई शक्ति नहीं

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम रद्द करने की मांग करने वाला एक प्रस्ताव केरल विधानसभा द्वारा पारित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद रविशंकर प्रसाद का यह बयान आया है.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा -किसी विधानसभा के पास नागरिकता कानून पर कोई शक्ति नहीं
सीएए को लेकर कानून मंत्री का बड़ा बयान
  • विधानसभाओं के पास नागिरकता कानून पर कोई शक्तियां नहीं हैं
  • केरल विधानसभा में नागरिकता कानून के खिलाफ पारित किया गया प्रस्ताव
  • प्रस्ताव पारित होने के फौरन बाद प्रसाद ने बयान दिया
तिरूवनंतपुरम:

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि नागरिकता पर कानून पारित करने की शक्तियां सिर्फ संसद के पास हैं और केरल विधानसभा सहित किसी राज्य विधानसभा को यह अधिकार प्राप्त नहीं है. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम रद्द करने की मांग करने वाला एक प्रस्ताव केरल विधानसभा द्वारा पारित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद उनका यह बयान आया है. उल्लेखनीय है कि यह संशोधित अधिनियम (सीएए) पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ना का सामना करने के कारण भारत आए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान करता है.

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कानून मंत्री ने कहा, ‘‘यह सिर्फ संसद है, जिसे नागरिकता पर कोई कानून पारित करने की शक्तियां प्राप्त हैं, केरल विधानसभा सहित किसी (अन्य) विधानसभा को नहीं. '' प्रसाद ने कहा कि यह अधिनियम भारतीय नागरिकों से संबद्ध नहीं है और इस कारण यह नागरिकता ना तो सृजित करता है, ना ही छीनता है. उन्होंने यह याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने क्रमश: युगांडा के अल्पसंख्यकों और श्रीलंकाई तमिलों को नागरिकता मुहैया करायी थी.

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प्रसाद ने हैरानी जताई कि यदि कांग्रेस ऐसा करती है तो यह ठीक और जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह यही चीज करते हैं तो ‘‘यह एक परेशानी'' कैसे है. उन्होंने सीएए का पुरजोर बचाव करते हुए कहा, ‘‘यह दोहरा मानदंड और निकृष्ट तरह का पाखंड है.''

गौरतलब है सीएए के खिलाफ पिछले कुछ हफ्तों के दौरान देश भर में प्रदर्शन हुए हैं. मंत्री ने कहा, ‘‘सीएए किसी भारतीय नागरिक से संबद्ध नहीं है. यह भारतीयों की नागरिकता न तो सृजित करता है, ना ही इसे छीनता है. यह धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किए गए अल्पसंख्यकों (तीन देशों से आए) पर सिर्फ लागू होता है.''

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उन्होंने कहा सीएए बिल्कुल ही संवैधानिक और कानूनी है. इसके खिलाफ निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा काफी सारा दुष्प्रचार किया जा रहा है. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर उन्होंने कहा कि यह भारत के ‘‘सामान्य निवासियों'' के बारे में सूचनाओं का एक व्यापक संग्रह है और इसका नागरिकों से कोई लेना देना नहीं है. यह (एनपीआर) किसी गांव या शहर के सामान्य भारतीय निवासियों के बारे में है और इसका नागरिकों से कोई लेनादेना नहीं है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या रजिस्टर के डेटा का उपयोग केंद्र एवं राज्य सरकारें विकास और नीति निर्माण प्रक्रियाओं के लिए करती हैं.

देखें वीडियो-  पक्ष-विपक्ष: CAA, NPR और NRC के विरोध के आंदोलन पर जनता की राय?

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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