- कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली का आयोजन करने जा रही है.
- राहुल गांधी ने इस रैली को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए बड़ी बात कही है.
- उन्होंने दिल्ली के व्यापारियों से कहा ज्ञानेश कुमार को हटवाएं, आंदोलन रुक जाएगा.
राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाले कांग्रेस के 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' पर राजनीति गर्म हो चुकी है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए रैली को जारी रखने की बात कही है.राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों से अपील की है कि हम आपकी बात सुन रहे हैं, लेकिन आप मोदी जी से कहिए CEC ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए. आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा. दरअसल, दिल्ली के व्यापारियों ने दीवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी से 1 नवंबर की रैली टालने के लिए पत्र लिखा था. जिस पर राहुल ने यह पोस्ट किया है. दिल्ली में होने वाले इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने देशभर से कार्यकर्ताओं को बुलाया है. इस आयोजन में इंडिया गठबंधन में शामिल दूसरे दल भी शामिल हो सकते हैं.
राहुल गांधी ने किया पोस्ट
राहुल गांधी पोस्ट करते हुए लिखा 'दिल्ली के हर व्यापारी से हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं. मेट्रो सरकार ने बंद की सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया. जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं, न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य.मोदी जी से कहिए आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा.' राहुल गांधी की इस पोस्ट से यह तय है कि कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली यह रैली 1 नवंबर को ही आयोजित की जाएगी. जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया है.

राहुल गांधी को व्यापारियों ने लिखा था पत्र
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले कांग्रेस के इस मार्च को लेकर व्यापारी संगठनों ने राहुल गांधी को लेटर लिखा था. दिल्ली के प्रमुख संगठन 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' की तरफ से इस पत्र में यह रैली टालने का अनुरोध करते हुए इसे दीवाली के बाद करने की अपील की गई थी. व्यापारियों का तर्क था कि 1 नवंबर के आस-पास धनतेरस, दीपावली और भैया दूज जैसे बड़े त्योहार हैं. रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली और कनॉट प्लेस जैसे दिल्ली के बडे़ मार्केट हैं, रैली के कारण होने वाली बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन से त्योहारी सीजन की खरीदारी ठप हो सकती है.
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दिल्ली के व्यापारियों ने करीब 10000 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है. इसके साथ ही एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर संगठनों ने भी इस भीड़भाड़ से सप्लाई प्रभावित होने की चिंता जताई है.
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