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This Article is From Apr 23, 2026

नमाज पढ़ने, रोजा रखने का दबाव...TCS के बाद नागपुर के NGO में महिलाओं पर धर्मांतरण के लिए जुल्म, ATS करेगी जांच

नागपुर एनजीओ प्रताड़ना मामले में महाराष्ट्र ATS की एंट्री हुई है. महिलाओं के यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण और संदिग्ध फंडिंग के आरोपों की जांच होगी. आरोपी रियाज क़ाज़ी गिरफ्तार है और केस को TCS पैटर्न से जोड़कर देखा जा रहा है.

नमाज पढ़ने, रोजा रखने का दबाव...TCS के बाद नागपुर के NGO में महिलाओं पर धर्मांतरण के लिए जुल्म, ATS करेगी जांच

नागपुर के मानकापुर थाना क्षेत्र में चल रहे एनजीओ प्रताड़ना मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। महिलाओं के यौन शोषण और कथित जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) भी मामले में शामिल हो गया है. एटीएस यह पड़ताल करेगा कि क्या इस केस का संबंध नाशिक के चर्चित TCS धर्मांतरण मामले से है या फिर इसके पीछे किसी संगठित और समान मॉड्यूल की भूमिका है.

यह मामला यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, ‘फिक्र' और ‘हम पढ़ें हम पढ़ाएं' नामक एनजीओ से जुड़ा है, जहां संस्था के संचालक रियाज फाजिल काज़ी पर महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के अनुसार, एनजीओ में काम करने वाली 23 वर्षीय एचआर और एडमिन हेड समेत चार युवतियों ने काज़ी पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है.

धर्मांतरण का दबाव और मानसिक उत्पीड़न

पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपी उन्हें नमाज पढ़ने, रोजा रखने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव डालता था. साथ ही, उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था. जांच एजेंसियों को शक है कि यह पैटर्न नाशिक के TCS मामले से मिलता‑जुलता है, जहां इसी तरह महिलाओं को निशाना बनाए जाने के आरोप सामने आए थे.

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फंडिंग और नेटवर्क की जांच

एटीएस अब इस बात की जांच कर रही है कि एनजीओ को मिलने वाली फंडिंग का स्रोत क्या है और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था. यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय है. सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं एनजीओ की गतिविधियां किसी बड़े रैकेट से तो नहीं जुड़ी हैं.

CCTV और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे

मानकापुर पुलिस ने झिंगाबाई टाकली स्थित एनजीओ कार्यालय से जुलाई 2025 से अब तक के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए हैं. पीड़िताओं का दावा है कि आरोपी अक्सर अपने केबिन में महिलाओं को बुलाने से पहले कैमरे बंद कर देता था और बाद में दोबारा चालू कर देता था. एक साल के फुटेज की जांच से इन आरोपों की पुष्टि की कोशिश की जा रही है.

इसके अलावा यह भी सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर महिला कर्मचारियों पर नजर रखता था. आरोप है कि उसकी बात न मानने पर वह सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने की धमकी देता और मानसिक दबाव बनाता था.

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आरोपी गिरफ्तार, संयुक्त जांच जारी

मानकापुर पुलिस ने आरोपी रियाज काजी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है. पुलिस के साथ‑साथ अब एटीएस भी डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रही है.

एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच से आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं और क्या इसके तार किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़े हैं.

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