पहलगाम आतंकी हमले की बरसी से पहले कश्मीर घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई, खासकर पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पिछले साल 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी. खुफिया सूत्रों के अनुसार, सभी सुरक्षा बलों को 22 अप्रैल के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, खासकर पर्यटन स्थलों पर, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके.
कश्मीर जोन के आईजीपी वीके बिर्दी ने श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. जमीनी स्तर पर पुख्ता सुरक्षा योजना बनाने के लिए बैठकें की गईं और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन तैयारियों का जायजा लिया.
-
दिल्ली एयरपोर्ट से होती है दुनिया में सबसे ज्यादा Uber बुकिंग, NDTV ग्लोबल समिट में डोमिनिक टेलर ने खोले राज -
Gen-Z को कैसे समझाएं? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने बताया तरीका -
NDTV World Summit: हिंदू धर्म को क्यों किया जाता है टारगेट? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी का जवाब -
एफिल टावर में विवाद का पूरा सच, BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने NDTV को बताया -
NDTV World Summit | भारत अब सिर्फ बाजार नहीं, वैश्विक प्रभाव का केंद्र बन रहा है', प्रसन्ना मोहिले -
NDTV World Summit 2026 | 'भारत की तरक्की से नेपाल को भी फायदा', नेपाल के वित्त मंत्री ने क्यों कहा? -
AI ने बनाया प्लान और इंसान ने दबाया हमले का बटन, ईरानी स्कूल में 156 मौतों पर पूर्व CIA चीफ ने कही ये बात -
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी
इस हमले के बाद पाकिस्तान पर भारत ने चलाया था ऑपरेशन सिंदूर
इस आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले का जवाब देने के लिए सेना को खुली छूट दी थी. 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना ने सीमा पार किए बिना पाकिस्तान के अंदर आतंकी ठिकानों पर हमले किए. ये हमले लाहौर के पास मुरीदके, बहावलपुर, और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित ठिकानों पर किए गए.
इसके बाद हालात और बिगड़ गए, जब पाकिस्तान सेना ने पलटवार शुरू किया. भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 18 रक्षा ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिनमें कुछ एयरफील्ड भी शामिल थे.
- प्रशासन ने पहलगाम जैसे अन्य हमले को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर में 50 पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया था, जिन्हें बाद में धीरे-धीरे खोला गया.
- हमले से पहले कश्मीर में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन इस घटना ने पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका दिया और इससे जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटकों का भरोसा बहाल करने के लिए पहलगाम में कैबिनेट बैठक की और खुद साइकिल यात्रा कर यह संदेश दिया कि यह जगह सुरक्षित है. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इनमें सेवा प्रदाताओं और दुकानदारों की पुलिस जांच, और क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली शामिल है, जिससे पर्यटक आसानी से उनकी जानकारी जांच सकते हैं.
सीएम ने कहा कि आज पहलगाम में फिर से पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है और 22 अप्रैल की घटना अब एक दुखद याद बनकर रह गई है, जिसे दोहराया नहीं जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें - पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिकी संसद में भारत की प्रदर्शनी, खुलेगा पाकिस्तान का काला चिट्ठा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं