पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर दो पॉइंट से डिसइंगेजमेंट पूरा हो गया है. बुधवार को देपसांग और डेमचोक में दोनों देशों के सैनिक पीछे हट गए. भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने भारत-चीन सीमा से दोनों देशों के सैनिकों की वापसी पूरी होने से रिश्तों के बेहतर होने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि इससे आने वाले दिनों में दोनों पड़ोसियों के बीच बेहतर समझ बनाने में मदद मिलेगी.
भारत-चीन के बीच LAC पर पेट्रोलिंग को लेकर हुए समझौते पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 27 अक्टूबर को कहा था कि सैनिकों की वापसी पहला कदम है. अगला कदम तनाव कम करना है. ऐसे में गुरुवार को दिवाली पर चीन और भारत के सैनिक एक-दूसरे को मिठाई खिलाएंगे. इसके बाद जल्द ही इन दोनों पॉइंट पर पेट्रोलिंग शुरू होगी. इस दौरान ग्राउंड कमांडर के अधिकारियों के बीच बातचीत होती रहेगी. ग्राउंड कमांडर में ब्रिगेडियर और उससे नीचे के रैंक के अधिकारी होते हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
डेमचोक और देपसांग में डिसइंगेजमेंट पूरा, पीछे हटी भारत-चीन की सेना : सूत्र
आम सहमति के बाद भविष्य में सही दिशा में बढ़ेंगे रिश्ते
पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक में भारत-चीन सीमा पर सैनिकों की वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी राजदूत ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस आम सहमति के बाद भविष्य में रिश्ते सुचारू रूप से आगे बढ़ेंगे. दोनों पक्षों के बीच विशिष्ट असहमतियों के कारण सीमित और बाधित नहीं होंगे. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मतभेदों को कैसे दूर किया जाए."
उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन संबंधों को सुधारने और विकसित करने पर महत्वपूर्ण आम सहमति बनी. उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर वापस लाने की रूपरेखा तय की. मोदी और जिनपिंग की 23 अक्टूबर को रूस के कजान में बैठक हुई थी.
Explainer : भारत-चीन की सेनाएं गलवान के बाद अब भी आमने-सामने, जानिए क्या है विवाद
फेइहोंग ने कहा, "बैठक रचनात्मक थी और इसका बहुत महत्व था. दोनों पक्षों ने कई सामान्य मुद्दों पर सहमति जताई, जिनमें संचार और सहयोग को मजबूत करना, आपसी विश्वास को बढ़ाना, संबंधों को पटरी पर लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर हमारे विदेश मंत्रियों और अधिकारियों के बीच वार्ता आयोजित करना शामिल है."
चीन और भारत के बीच जल्द शुरू होनी चाहिए सीधी उड़ानें
चीन और भारत के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘एक राजदूत के तौर पर मैं इसका इंतजार कर रहा हूं, क्योंकि इससे समय की बचत होगी. मैं न केवल राजनीति, बल्कि व्यापार में भी सुचारू सहयोग की उम्मीद कर रहा हूं."
चीन, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
राजदूत ने कहा कि चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है. द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है. चीन को भारत के साथ व्यापार ‘सरप्लस' का लाभ मिलता है. उन्होंने कहा, "चीनी उत्पादों पर टैक्स और प्रतिबंध लगाना भारत में ‘डाउनस्ट्रीम उद्योगों' के विकास और उपभोक्ताओं के हितों के लिए अनुकूल नहीं है."
दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों की जरूरत
राजनयिक ने दोनों प्रमुख बाजारों के बीच घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंधों की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा, "भारत और चीन के बीच संबंध दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक है. जब भारत और चीन सहयोग के लिए हाथ मिलाएंगे, तो इससे दोनों देशों के साथ-साथ पूरे एशिया और पूरे विश्व को लाभ होगा."
भारत-चीन के बीच जारी तनाव को कम करने की कवायद, 14 अगस्त को 19वें दौर की बातचीत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं