- गुरुग्राम के सोहना चौक पर बिना नंबर और काले शीशों वाली थार गाड़ी जब्त की गई थी, जिसके बाद युवक ने विरोध किया
- युवक ने पुलिसकर्मियों से गाली गलौज की और गाड़ी के बोनट पर चढ़कर तथा साइड खिड़की से ड्रामा किया
- पुलिस ने युवक को नियंत्रित कर गाड़ी को पार्किंग में खड़ा कराया और उसे सिविल लाइन्स थाना भेजा
राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बीच एक थार सवार का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. गाड़ी जब्त किए जाने से खफा युवक ने सोहना चौक पर हाई वोल्टेज ड्रामा किया. उसने न केवल पुलिसकर्मियों पर गाली गलौज करने का आरोप लगाया बल्कि उसने खुद भी पुलिसकर्मियों को गालियां दी. पुलिसकर्मियों से गाड़ी लेने के लिए वह कभी गाड़ी के बोनट पर चढ़ रहा था तो कभी साइड खिड़की पर लटककर पुलिसकर्मियों को गाड़ी छोड़ने के लिए कह रहा था. हालांकि पुलिसकर्मी उसे गाड़ी जब्त किए जाने की बात कहते रहे, लेकिन युवक ने एक न सुनी और बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा जारी रखा.
इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची ईआरवी ने युवक को काबू किया और सिविल लाइन्स थाने ले गए. वहीं, सूचना मिलते ही युवक के परिजन भी मौके पर पहुंचे और युवक को अपने साथ ले गए.
क्या हुआ था?
पुलिस की मानें तो सोहना चौक पर उन्हें एक बिना नंबर की थार गाड़ी दिखाई दी. गाड़ी की जांच के लिए उन्होंने युवक से गाड़ी के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा. पुलिसकर्मियों ने बताया कि युवक ने गाड़ी के कोई भी दस्तावेज उन्हें नहीं दिखाए. इसके साथ ही गाड़ी के शीशे भी काले थे. इस पर उन्होंने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गाड़ी का चालान काटते हुए उसे जब्त करने की कार्रवाई कर दी. युवक को चालान रसीद दी और गाड़ी को अपने कब्जे में लेकर पार्किंग में ले जाया जा रहा था.
यह बात युवक को नागवार गुजरी और उसने सोहना चौक पर ही बवाल करना शुरू कर दिया. वह पुलिसकर्मियों को जब्त की गई गाड़ी ले जाने नहीं दे रहा था. इसके साथ ही उसने गाली गलौज करते हुए कभी गाड़ी पर चढ़ने लगा तो कभी ट्रैफिक रोककर ड्रामा करने लगा. इस पर उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी और ईआरवी के माध्यम से युवक को काबू कर जब्त की गई गाड़ी को पार्किंग में खड़ा किया।.
मामले में ट्रैफिक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. गाड़ी जब्त होने से खफा युवक ने यह पूरा ड्रामा किया ताकि पुलिस किसी भी तरह से उसकी गाड़ी को मौके पर ही छोड़ दे. पूरे प्रकरण की जानकारी युवक के परिजनों को देकर उन्हें बुलाया गया था. मामले में युवक को सिविल लाइन थाना पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन परिजनों की गुजारिश पर उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई.
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