गोरखपुर हादसा : बच्चों की दर्दनाक मौत पर सीएम योगी भावुक हुए...
नई दिल्ली:
- जिन लोगों की संवेदना मर चुकी है, वे लोग इस संवेदनशील मसले पर गैर जरूरी बयान देकर नमक छिड़क रहे हैं
- इस हादसे की जांच के लिए चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है जिसके द्वारा रिपोर्ट दे दिए जाने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
- इस पूरे हादसे के दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी कि मिसाल बनेगी.
- इंसेफ्लाइटिस के खिलाफ शुरू से लड़ाई लड़ रहे हैं. प्रदेश के 90 लाख बच्चों को वैक्सीन देकर इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई का आगाज किया है.
- इस पीड़ा के बारे में मुझसे ज्यादा कोई नहीं जान सकता. मुझसे ज्यादा कोई इस समस्या को नहीं समझ सकता है.
- मैं चाहता हूं कि आप इलाके के सरकारी अस्पतालों में जाएं और देखें कि इनसेफ्लाइटिस से लड़ने के लिए सरकार क्या कर रही है. इस बारे में क्या इंतजाम किए गए हैं.
- बीआरडी अस्पताल में तीस से ज़्यादा बच्चों की मौत के मामले में सरकार के स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हुई...
- कांग्रेस की संवेदना मर चुकी है. गुलाम नबी आजाद ने अलग से सहायता देने से मना किया था.
- मैं चार बार बीआरडी अस्पताल आ चुका हूं. 9 जुलाई को हमने वेतन न मिलने की समस्या को सुलझाया था. 9 अगस्त को भी मैं यहां आया था, जिसमें 5 प्रमुख सचिवों को यहां बुलाया गया था.
- सरकार की तरफ से इस मामले में कोई लापरवाही नहीं हुई.
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Gorakhpur Deaths, Yogi Adityanath