समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को जेल में बंद आजम खान से मुलाकात की. आजम खान रामपुर की जेल में बंद हैं. अखिलेश उनसे मिलने जेल पहुंचे. हालांकि, इस मुलाकात से पहले अखिलेश ने कहा कि आजम खान ने जो सपना देखा था, समाजवादी उसे पूरा करेंगे.
अखिलेश ने कहा कि 'मैं कहना चाहता हूं कि आजम खान साहब का जो सपना था यूनिवर्सिटी का, पढ़ाई-लिखाई को लेकर और भविष्य बनाने के लिए था, वह सपना समाजवादी लोग पूरा करेंगे.'
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अखिलेश यादव का इशारा जौहर यूनिवर्सिटी की तरफ था. उनकी जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को तोड़ने का मामला भी चल रहा है. इसके साथ ही हाल ही में जौहर यूनिवर्सिटी मामले में एक नया केस भी ED ने दर्ज किया है.
अखिलेश ने कहा, 'भाजपा का पढ़ाई से 36 का आंकड़ा है. हमने आपने कहावत तो सुनी है न? भाजपाइयों का 36 का आंकड़ा है. पढ़ाई-लिखाई से.'

रामपुर जेल पहुंच अखिलेश यादव.
Photo Credit: IANS
क्या था आजम खान का सपना?
आजम खान का सबसे बड़ा सपना जौहर यूनिवर्सिटी थी. आजम खान खुद कई बार कह चुके थी कि उनकी सबसे बड़ी विरासत जौहर यूनिवर्सिटी होगी.
ये यूनिवर्सिटी रामपुर में है. इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी और खिलाफत आंदोलन के नेता मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर रखा गया. 1990 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट बना.
2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया. छह साल बाद 2012 में अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया. आजम खान चाहते थे कि ये सरकारी उर्दू यूनिवर्सिटी बने, लेकिन जब बात नहीं बनी तो प्राइवेट ट्रस्ट से ही चलाया.
रामपुर में बनी जौहर यूनिवर्सिटी का कैंपस 120 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर फैला है. इस यूनिवर्सिटी में मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ, फार्मेसी, मैनेजमेंट जैसे कई सारे कोर्सेस होते हैं.
फिर बात कहां बिगड़ गई?
2017 में जब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई, उसके बाद से ही बात बिगड़ गई. सपा नेताओं का दावा है कि आजम खान पर 350 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. इनमें से कई जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए हैं.
अब तो बात जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने तक पहुंच गई है. रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को तोड़ने का आदेश दिया था. आरोप है कि इन इमारतों को बनाने के लिए नक्शा मंजूर नहीं हुआ था.
हालांकि, बाद में मुरादाबाद मंडलायुक्त ने RDA के इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी.

Photo Credit: IANS
लेकिन इसी महीने ED ने एक नया केस दर्ज किया है. ये केस 13 अक्टूबर को दर्ज किया गया था. जौहर यूनिवर्सिटी को बनाने में कथित तौर पर सरकारी पैसे के इस्तेमाल के मामले में रामपुर में FIR दर्ज है. इसी आधार पर ED ने भी केस दर्ज किया.
ED के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी की अनुमानित लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई है. जबकि ट्रस्ट के आईटी रिटर्न में 2013-14 से 2024-25 के बीच 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च ही दिखाया गया.
ED को शक है कि ठेकेदारों के जरिए कुछ रकम ट्रस्ट तक पहुंचाई गई है और उसे दान के रूप में दिखाया गया.
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