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This Article is From Jul 13, 2016

अरुणाचल प्रदेश : अदालत में जीत के बाद कांग्रेस के सामने बागियों को मनाने की चुनौती

अरुणाचल प्रदेश : अदालत में जीत के बाद कांग्रेस के सामने बागियों को मनाने की चुनौती
नबाम तुकी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: कांग्रेस ने अदालत में तो लड़ाई जीत ली है अब उसके सामने चुनौती अपने बागी विधायकों का दिल जीतने की है। 60 सदस्यीय विधानसभा में 42 सीटें जीतकर आने वाली कांग्रेस की सरकार को बाहर वालों से कोई खतरा नहीं था। लेकिन मुख्यमंत्री नबाम तुकी पर तानाशाही तरीके से सरकार चलाने का आरोप लगाकर कांग्रेस विधायक कालिको पुल ने बगावत का बिगुल फूंक दिया। उनके साथ पहले 21 विधायक टूटे लेकिन जब बीजेपी के समर्थन से पुल ने सरकार बनाई तो 9 और कांग्रेसी विधायक उनके साथ हो लिए।

बीजेपी पर पैसे का उपयोग कर विधायकों को भड़काने का आरोप
कांग्रेस का आरोप रहा है कि बीजेपी ने पैसे का इस्तेमाल कर उसके विधायकों को भड़काया और तोड़ा। कांग्रेस को कहीं न कहीं अपनी गलती का भी अहसास हो रहा है। तभी नबाम तुकी उनको मनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाने की बात कर रहे हैं। कह रहे हैं कि जरूरत पड़ी तो उनकी मुलाकात राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी कराई जाएगी।

अरुणाचल ईस्ट से कांग्रेसी सांसद निनौंग इरिंग तो यहां तक मान रहे हैं कि पार्टी से गलती हुई। वे भविष्य में किसी भी असंतोष की अनदेखी की बजाय उसका समाधान निकालने की बात कर रहे हैं।

बागियों को साथ लेने के प्रति आश्वस्त कांग्रेस
कांग्रेस अदालती जीत के बाद बागियों को राजनीतिक तौर पर साथ लेने को आश्वस्त दिखती है लेकिन केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कोई रिव्यू पिटीशन डालती है तो कांग्रेस को सत्ता मिलने की राह कुछ और लंबी हो सकती है। बीजेपी नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह कोर्ट के फैसले को पढ़ने के बाद आगे की रणनीति तय करने की बात कर इस संभावना को बल दे रहे हैं। हालांकि कांग्रेस अब इस जीत के बाद लड़ाई को संसद में ले जाने की है जहां वह सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश करेगी। इसलिए कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की वकालत करने वाले वकील कपिल सिब्बल उस आडियो टेप की जांच की मांग कर रहे हैं जिसमें कथित तौर पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का जिक्र है। वे कहते हैं कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हरीश रावत की स्टिंग की सीडी सामने आने के बाद आनन फानन में उसकी सीबीआई जांच के आदेश जारी कर दिए गए। वही तत्परता इस मामले में भी दिखाई जाए।

धारा 356 के दुरुपयोग के आरोप कांग्रेस की सरकार पर भी अनेक बार लगे हैं। लेकिन उत्तराखंड के बाद अरुणाचल को लेकर मिली अदालती जीत से कांग्रेस को अपना हाथ ऊपर करने का मौका दे दिया है। लेकिन उसे अपने अंदर से पनपने वाले असंतोष की दवा भी करनी होगी।

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