
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स राष्ट्रों के शिखर सम्मेलन में शरीक होने के लिए आज यहां पहुंच गए। सम्मेलन शांति का माहौल बहाल करने के लिए क्षेत्रीय संकट और सुरक्षा खतरों का हल ढूंढ़ेगा, जबकि वैश्विक आर्थिक स्थिरता को आगे बढ़ाएगा।
इस उत्तर पूर्वी तटीय शहर में मंगलवार को ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करने से पहले मोदी ब्रिक्स विकास बैंक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे।
मोदी बर्लिन में रात भर रुकने के बाद आज सुबह फोर्टलेजा के लिए रवाना हुए थे। आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्री अटलांटिक की आगे की यात्रा के लिए फ्रैंकफर्ट होकर गुजरते हैं।
रास्ते में रुकने के लिए फैंकफर्ट की बजाय बर्लिन को वरीयता दी गई, क्योंकि जर्मनी ने चांसलर एंजेला मर्केल के साथ एक संभावित द्विपक्षीय बैठक का अनुरोध किया था, लेकिन वह जर्मनी और अर्जेंटीना के बीच फीफा वर्ल्ड कप (फुटबॉल) फाइनल मैच देखने के लिए ब्राजील रवाना हो गई थी।
नई दिल्ली से रवानगी से पहले मोदी ने कहा था कि विकास बैंक और ‘कंटींजेंट रिजर्व अरेंजमेंट’ की स्थापना के लिए कदम उठाने के प्रति भारत आशावादी है। ब्राजीलियाई राष्ट्रपति दिल्मा राउसेफ के न्योते पर मोदी 15-16 जुलाई को फोर्टलेजा और ब्रासीलिया में हो रहे छठे ब्रिक्स सम्मेलन में शरीक होने के लिए ब्राजील की यात्रा पर हैं।
प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल भी है, जिसमें वित्त राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एके डोभाल और विदेश सचिव सुजाता सिंह शामिल हैं।
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