
सांकेतिक तस्वीर
नई दिल्ली:
अब, रेलवे कर्मचारियों ने भी एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) की मांग उठाते हुए कहा है कि उन्हें नजरंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि रक्षाकर्मियों की तरह उन्होंने भी देश के लिए अपनी सेवा समर्पित की है।
ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि सातवें वेतन आयोग में रेलवे कर्मचारियों के लिए ओआरओपी के मुद्दे पर चर्चा हुई और फिर से मामला उठाया जाएगा। वर्तमान में रेलवे में 13.26 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं।
मिश्रा ने कहा, 'रेलवे कर्मचारी देश के लिए समर्पित सेवा कर रहे हैं। रेलवे देश की जीवन रेखा है। कर्मचारी देशभर में चौबीसों घंटे काम करते हैं।' हालांकि, उन्होंने कहा कि रक्षा बलों में सैन्यकर्मियों को ओआरओपी मिलना चाहिए, लेकिन यही सिद्धांत रेलवे पर भी अमल होना चाहिए।
एआईआरएफ नेता ने कहा, 'सेना में हमारे भाइयों को जितनी जल्द मुमकिन हो मिलना चाहिए। लेकिन साथ ही हमें भी नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए।'
ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि सातवें वेतन आयोग में रेलवे कर्मचारियों के लिए ओआरओपी के मुद्दे पर चर्चा हुई और फिर से मामला उठाया जाएगा। वर्तमान में रेलवे में 13.26 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं।
मिश्रा ने कहा, 'रेलवे कर्मचारी देश के लिए समर्पित सेवा कर रहे हैं। रेलवे देश की जीवन रेखा है। कर्मचारी देशभर में चौबीसों घंटे काम करते हैं।' हालांकि, उन्होंने कहा कि रक्षा बलों में सैन्यकर्मियों को ओआरओपी मिलना चाहिए, लेकिन यही सिद्धांत रेलवे पर भी अमल होना चाहिए।
एआईआरएफ नेता ने कहा, 'सेना में हमारे भाइयों को जितनी जल्द मुमकिन हो मिलना चाहिए। लेकिन साथ ही हमें भी नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए।'
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