
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
बीजेपी ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए तगड़ी घेराबंदी की है. पार्टी ने अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने के लिए कहा है. इसके लिए बीजेपी ने व्हिप भी जारी कर दिया है. जो सांसद वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगें उनके खिलाफ कारवाई की जाएगी. बीजेपी ने अपने संसदीय दल के पार्टी व्हिप को कहा है कि वह सांसदों के लिए लंच और डिनर की व्यवस्था भी करे. वहीं, जो सांसद बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं सिर्फ उन्हें छूट मिल सकती है.
यह भी पढ़ें : अविश्वास प्रस्ताव लाकर आखिर क्या हासिल करना चाहता है विपक्ष...?
इसके अलावा बीजेपी ने कई दलों से बातचीत भी शुरू कर दी है और उनके पास सर्मथन बढ़ता जा रहा है. तेलंगाना की टीआरएस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है. तमिलनाडु की एआईडीएमके ने भी वोटिंग में सरकार के साथ जाने का फैसला किया है. शिवसेना के रुख पर शाम तक फैसला होगा कि वह सरकार के साथ है या नहीं. इस हिसाब से लोकसभा की कुल संख्या 524 सीटें रह जाएगी. इस हिसाब से सरकार को अविश्वास मत को हराने के लिए 262 की संख्या चाहिए.
VIDEO : मोदी सरकार का पहला इम्तिहान
बीजेपी के पास खुद 273 सांसद हैं और एनडीए में एआईडीएमके को मिला दें तो 347 की संख्या बनती है, जबकि विपक्ष मेंयदि बीजेडी को शामिल कर दें तो 167 की संख्या बनती है. यानि अविश्वास प्रस्ताव में संख्या का कोई महत्व नहीं रह गया है केवल बहस की बात रह गई है.
यह भी पढ़ें : अविश्वास प्रस्ताव लाकर आखिर क्या हासिल करना चाहता है विपक्ष...?
इसके अलावा बीजेपी ने कई दलों से बातचीत भी शुरू कर दी है और उनके पास सर्मथन बढ़ता जा रहा है. तेलंगाना की टीआरएस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है. तमिलनाडु की एआईडीएमके ने भी वोटिंग में सरकार के साथ जाने का फैसला किया है. शिवसेना के रुख पर शाम तक फैसला होगा कि वह सरकार के साथ है या नहीं. इस हिसाब से लोकसभा की कुल संख्या 524 सीटें रह जाएगी. इस हिसाब से सरकार को अविश्वास मत को हराने के लिए 262 की संख्या चाहिए.
VIDEO : मोदी सरकार का पहला इम्तिहान
बीजेपी के पास खुद 273 सांसद हैं और एनडीए में एआईडीएमके को मिला दें तो 347 की संख्या बनती है, जबकि विपक्ष मेंयदि बीजेडी को शामिल कर दें तो 167 की संख्या बनती है. यानि अविश्वास प्रस्ताव में संख्या का कोई महत्व नहीं रह गया है केवल बहस की बात रह गई है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं