
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर केंद्र सरकार से राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। नीतीश ने पटना के गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'हमें कुछ नहीं चाहिए मात्र विशेष राज्य का दर्जा चाहिए, छिटपुट देने से कुछ नहीं होगा...हम पैसा नहीं मांगते, नीतियों का समर्थन मांगते हैं।'
नीतीश ने साफ किया कि बिहार के विकास को उस समय तक गति नहीं मिलेगी, जब तक केंद्र उसे विशेष राज्य का दर्जा नहीं देता। नीतीश के अनुसार विशेष राज्य का दर्जा देने से राज्य में नए उद्योग-धंधे खुलेंगे और युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि बिहार को 'छिटपुट' देने से कुछ नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने पिछले महीने की 25 तारीख को पटना में कई योजनाओं का शिलान्यास किया था और 18 अगस्त को भी वह सड़कों खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से संबंधित कई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बारे में बिहार सरकार का कहना है कि कई योजनाओं जैसे पटना-बक्सर सड़क का शिलान्यास साल 2012 में ही किया जा चुका है और मात्र वाहवाही लूटने के लिए इस सड़क का फिर से शिलान्यास किया जा रहा है।
नीतीश के गांधी मैदान के भाषण से स्पष्ट है कि केंद्र आर्थिक पैकेज के नाम पर राज्य के लिए जितने भी बड़े पैकेज का एलान कर दे, लेकिन जब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता, नीतीश अपनी मांग पर कायम रहेंगे। पिछले साल लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया में सत्ता में आने के बाद विशेष राज्य का दर्जा, विशेष आर्थिक पैकेज और विशेष ध्यान देने का वादा किया था।
हालांकि नीतीश कुमार ने अपने भाषण में बिहार में बिजली की स्थिति में काफी सुधार का दावा किया, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि जिन गांवों और इलाकों में बिजली नहीं पहुंची हैं, वहां कब तक बिजली दी जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री ने अगले 1,000 दिनों में देश के हर गांवों में बिजली पहुंचाने का वादा किया है।
नीतीश ने साफ किया कि बिहार के विकास को उस समय तक गति नहीं मिलेगी, जब तक केंद्र उसे विशेष राज्य का दर्जा नहीं देता। नीतीश के अनुसार विशेष राज्य का दर्जा देने से राज्य में नए उद्योग-धंधे खुलेंगे और युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि बिहार को 'छिटपुट' देने से कुछ नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने पिछले महीने की 25 तारीख को पटना में कई योजनाओं का शिलान्यास किया था और 18 अगस्त को भी वह सड़कों खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से संबंधित कई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बारे में बिहार सरकार का कहना है कि कई योजनाओं जैसे पटना-बक्सर सड़क का शिलान्यास साल 2012 में ही किया जा चुका है और मात्र वाहवाही लूटने के लिए इस सड़क का फिर से शिलान्यास किया जा रहा है।
नीतीश के गांधी मैदान के भाषण से स्पष्ट है कि केंद्र आर्थिक पैकेज के नाम पर राज्य के लिए जितने भी बड़े पैकेज का एलान कर दे, लेकिन जब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता, नीतीश अपनी मांग पर कायम रहेंगे। पिछले साल लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया में सत्ता में आने के बाद विशेष राज्य का दर्जा, विशेष आर्थिक पैकेज और विशेष ध्यान देने का वादा किया था।
हालांकि नीतीश कुमार ने अपने भाषण में बिहार में बिजली की स्थिति में काफी सुधार का दावा किया, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि जिन गांवों और इलाकों में बिजली नहीं पहुंची हैं, वहां कब तक बिजली दी जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री ने अगले 1,000 दिनों में देश के हर गांवों में बिजली पहुंचाने का वादा किया है।
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