
इस साल एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिला एनईईटी परीक्षा में सफलता के आधार पर ही मिलेगा.
नई दिल्ली:
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि देश भर में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए इस साल होने जा रही राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) को सभी उम्मीदवारों को मिलने वाले तीन प्रयासों में से पहला प्रयास माना जाएगा. सीबीएसई ने एक बयान में कहा, 'मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि एआईपीएमटी या एनईईटी के लिए उम्मीदवारों की ओर से 2017 से पहले किए गए प्रयासों को नहीं गिना जाएगा और इसी हिसाब से एनईईटी-2017 में शामिल होने को सभी उम्मीदवारों के लिए पहले प्रयास के तौर पर गिना जाएगा, भले ही उन्होंने एआईपीएमटी या एनईईटी में पहले कितनी भी बार शामिल हुए हों.'
दरअसल, छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति उस वक्त पैदा हो गई थी, जब सीबीआई की ओर से 2017 की एनईईटी के लिए मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया कि जिन अभ्यर्थियों ने एआईपीएमटी और एनईईटी 2016 की परीक्षा तीन बार दे दी है, वे एनईईटी में शामिल होने के पात्र नहीं होंगे.
सीबीएसई ने कहा, 'एआईपीएमटी या एनईईटी में तीन प्रयासों की शर्त के कारण आवेदन फॉर्म नहीं भर सके सभी उम्मीदवार अब अपने आवेदन फॉर्म भर पाएंगे.' इस साल एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिला एनईईटी परीक्षा में सफलता के आधार पर ही मिलेगा. (इनपुट भाषा से)
दरअसल, छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति उस वक्त पैदा हो गई थी, जब सीबीआई की ओर से 2017 की एनईईटी के लिए मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया कि जिन अभ्यर्थियों ने एआईपीएमटी और एनईईटी 2016 की परीक्षा तीन बार दे दी है, वे एनईईटी में शामिल होने के पात्र नहीं होंगे.
सीबीएसई ने कहा, 'एआईपीएमटी या एनईईटी में तीन प्रयासों की शर्त के कारण आवेदन फॉर्म नहीं भर सके सभी उम्मीदवार अब अपने आवेदन फॉर्म भर पाएंगे.' इस साल एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिला एनईईटी परीक्षा में सफलता के आधार पर ही मिलेगा. (इनपुट भाषा से)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं