
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
राष्ट्रीय राजधानी में अगले महीने से जाति, आय, विवाह, मूल निवासी प्रमाणपत्र हासिल करना 'आसान' होगा। दिल्ली सरकार 12 सेवाओं के लिए प्रक्रिया को आसान बना रही है, जिसके तहत शपथपत्र की जरूरत नहीं होगी, केवल स्व- सत्यापन की जरूरत होगी और सुविधा के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कानून लाए जाएंगे।
जिन प्रमाणपत्रों के लिए प्रक्रिया सरल की जाएगी, उनमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एसीसी-एसटी), मूल निवासी, विकलांगता कार्ड, आय, संपन्नता, जीवन, मृत्यु, विवाह, जन्म और लाल डोर प्रमाणपत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, '1 दिसंबर से सरकार ने विभिन्न प्रमाणपत्र हासिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। हालांकि सरकार आवेदनों में गलत जानकारी देने वाले लोगों को कड़ी सजा देने के लिए कानून में प्रावधान भी लाएगी।'
उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर इस समय ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए आवेदक को दिल्ली में सत्यापन का प्रमाण देना होता है, जो 1993 के बाद से हर मामले में जरूरी है, लेकिन अभिभावक पक्ष के किसी रिश्तेदार को अगर कोई प्रमाणपत्र जारी किया गया हो, तो 1 दिसंबर से किसी प्रमाण की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा ओबीसी, एससी-एसटी और आय प्रमाणपत्र के लिए किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापन की जरूरत नहीं होगी और इसकी जगह केवल स्व-सत्यापन काफी होगा।
सरकार का गलत जानकारी देने को एक संज्ञेय अपराध बनाने का प्रस्ताव है। इस समय यह एक गैर-संज्ञेय अपराध है और अपराधी को छह महीने तक की सजा भुगतनी होती है या 1,000 रुपये का जुर्माना देना होता है या दोनों करना पड़ता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार आगामी विधानसभा सत्र में आईपीसी की धारा 177 और 199 में संशोधन प्रस्तावित करेगी, जिसके तहत गलत जानकारी देने को संज्ञेय अपराध बनाया जाएगा।
सरकार ने दावा किया कि एक बार मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ लोगों को अधिकारियों से मिलने के लिए बार-बार कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। 'आप' सरकार का साथ ही इन 12 सेवाओं की प्रक्रिया का समय घटाने का भी प्रस्ताव है। इस समय ओबीसी और एससी प्रमाणपत्रों के लिए 60 दिन का समय लगता है, लेकिन सरकार ने इन सेवाओं के लिए 14 दिनों का समय प्रस्तावित किया है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए लगने वाले 30 दिन का समय घटाकर 14 दिन किया जाएगा। मूल निवासी प्रमाणपत्र के लिए भी 14 दिन लगेंगे। अधिकारी ने कहा, इसी तरह सरकार आय प्रमाणपत्र के लिए लगने वाले 21 दिन को घटाकर 14 दिन करेगी। सरकार ने दो हफ्तों के भीतर लाल डोरा प्रमाणपत्र जारी करने का भी फैसला किया है।
जिन प्रमाणपत्रों के लिए प्रक्रिया सरल की जाएगी, उनमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एसीसी-एसटी), मूल निवासी, विकलांगता कार्ड, आय, संपन्नता, जीवन, मृत्यु, विवाह, जन्म और लाल डोर प्रमाणपत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, '1 दिसंबर से सरकार ने विभिन्न प्रमाणपत्र हासिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। हालांकि सरकार आवेदनों में गलत जानकारी देने वाले लोगों को कड़ी सजा देने के लिए कानून में प्रावधान भी लाएगी।'
उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर इस समय ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए आवेदक को दिल्ली में सत्यापन का प्रमाण देना होता है, जो 1993 के बाद से हर मामले में जरूरी है, लेकिन अभिभावक पक्ष के किसी रिश्तेदार को अगर कोई प्रमाणपत्र जारी किया गया हो, तो 1 दिसंबर से किसी प्रमाण की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा ओबीसी, एससी-एसटी और आय प्रमाणपत्र के लिए किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापन की जरूरत नहीं होगी और इसकी जगह केवल स्व-सत्यापन काफी होगा।
सरकार का गलत जानकारी देने को एक संज्ञेय अपराध बनाने का प्रस्ताव है। इस समय यह एक गैर-संज्ञेय अपराध है और अपराधी को छह महीने तक की सजा भुगतनी होती है या 1,000 रुपये का जुर्माना देना होता है या दोनों करना पड़ता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार आगामी विधानसभा सत्र में आईपीसी की धारा 177 और 199 में संशोधन प्रस्तावित करेगी, जिसके तहत गलत जानकारी देने को संज्ञेय अपराध बनाया जाएगा।
सरकार ने दावा किया कि एक बार मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ लोगों को अधिकारियों से मिलने के लिए बार-बार कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। 'आप' सरकार का साथ ही इन 12 सेवाओं की प्रक्रिया का समय घटाने का भी प्रस्ताव है। इस समय ओबीसी और एससी प्रमाणपत्रों के लिए 60 दिन का समय लगता है, लेकिन सरकार ने इन सेवाओं के लिए 14 दिनों का समय प्रस्तावित किया है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए लगने वाले 30 दिन का समय घटाकर 14 दिन किया जाएगा। मूल निवासी प्रमाणपत्र के लिए भी 14 दिन लगेंगे। अधिकारी ने कहा, इसी तरह सरकार आय प्रमाणपत्र के लिए लगने वाले 21 दिन को घटाकर 14 दिन करेगी। सरकार ने दो हफ्तों के भीतर लाल डोरा प्रमाणपत्र जारी करने का भी फैसला किया है।
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