एक शोध में दावा किया गया है कि लंबे समय तक कोविड से प्रभावित रहे 59 फीसदी मरीजों में शुरुआती लक्षण सामने आने के करीब एक साल बाद अंग खराब होने के मामले सामने आए हैं. इनमें वे मरीज भी शामिल हैं, जो पहली बार संक्रमित पाए जाने के बाद गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़े थे. जर्नल ‘रॉयल सोसाइटी ऑफ मेडिसिन' में प्रकाशित शोध में 536 ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जो लंबे समय तक कोविड से प्रभावित रहे और इस दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत और स्वास्थ्य संबंधी अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.
-
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
6 महीने बाद अंगों के ठीक तरह से काम न करने की मिली शिकायत:
शोधकर्ताओं ने कहा कि इनमें से 13 फीसदी लोगों को पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जबकि अध्ययन में शामिल 32 फीसदी लोग स्वास्थ्यकर्मी थे, उन्होंने कहा कि 536 में से 331 मरीजों में पहली बार संक्रमण की पुष्टि होने के 6 महीने बाद अंग के ठीक तरह से काम नहीं करने की जानकारी सामने आई.
लंबे समय तक कोविड से प्रभावित लोगों को ज्यादा दिक्कत:
शोधकर्ताओं ने छह महीने बाद इन मरीजों पर 40 मिनट लंबा ‘मल्टी-ऑर्गन एमआरआई स्कैन' टेस्ट किया. इसके निष्कर्ष से इस बात की पुष्टि हुई कि लंबे समय तक कोविड से प्रभावित रहे 29 फीसदी मरीजों के कई अंग खराब हो गए जबकि संक्रमित होने के करीब एक साल बाद 59 फीसदी मरीजों के एक अंग ने काम करना बंद कर दिया.
ब्रिटेन के ‘यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन' से जुड़े सीनियर रिसर्च ऑथर प्रोफेसर अमिताव बनर्जी ने कहा, "शोध में यह पाया गया है कि कई मरीजों में लगभग एक साल तक कोविड के लक्षण बने रहे. लंबे समय तक कोविड से प्रभावित रहे पांच में से तीन लोगों का कम से कम एक अंग खराब हुआ जबकि चार में से एक मरीज के दो या अधिक अंग खराब हुए हैं."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं