विज्ञापन
This Article is From Sep 10, 2017

गुरुग्राम के स्कूल में हत्या : 'प्राइवेट स्कूल नहीं करवाते हैं अपने कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन'

एनसीपीसीआर के एक दल ने स्कूल का दौरा किया और पाया कि ‘इस मामले में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट तौर पर नजर आती है.’

गुरुग्राम के स्कूल में हत्या :  'प्राइवेट स्कूल नहीं करवाते हैं अपने कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन'
गुरुग्राम के स्कूल में हत्या : 'प्राइवेट स्कूल नहीं करवाते हैं अपने कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन'...
नई दिल्ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के बच्चे की नृशंस हत्या के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और बाल अधिकार संगठनों का कहना है कि ‘ज्यादातर निजी स्कूल सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं और अपने कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराते हैं.’

अब दिल्ली के स्कूल में हैवानियत, 5 साल की बच्ची से चपरासी ने किया रेप

बीते शुक्रवार को गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के बच्चे की हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आने के बाद एनसीपीसीआर के एक दल ने स्कूल का दौरा किया और पाया कि ‘इस मामले में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट तौर पर नजर आती है.’

गुरुग्राम : 7 साल के बच्चे का शव रयान इंटरनेशनल स्कूल के टॉयलेट से मिला, गर्दन पर चाकू के निशान

एनसीपीसीआर के सदस्य (शिक्षा एवं आरटीई) प्रियंक कानूनगो ने कहा, ‘‘यह बहुत अफसोसनाक है कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों का सही से क्रियान्वयन नहीं कर रहे हैं. यह देखा गया कि इस स्कूल ने कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया था. निजी स्कूलों में यह बड़ी समस्या है और इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ को स्वीकार नहीं किया जा सकता. हम राज्य प्रशासनों और शिक्षा बोर्डों से कहना चाहते हैं कि वे स्कूलों में सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें.’’ कानूनगो ने कहा, ‘‘सुरक्षा दिशानिर्देशों का उचित क्रियान्वयन नहीं हो पाने के लिए व्यवस्था से जुड़ी हर इकाई जिम्मेदार है. राज्य प्रशासन, जिला प्रशासन और शिक्षा बोर्डों तथा हम सभी कहीं न कहीं इसके लिए जिम्मेदार हैं. हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है, इसलिए हम सभी को इसके उचित क्रियान्वयन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे.’’

VIDEO : गुरुग्राम के स्कूल में बच्चे की हत्या पर लोगों का गुस्सा फूटा

उन्होंने कहा कि आयोग की तरफ से सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुपालन के संदर्भ में प्रशासनों और बोर्डों को कई बार लिखा जा चुका है, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है. बाल अधिकार कार्यकर्ता और ‘वर्ल्ड फॉर इक्वेलिटी नामक संगठन से जुड़े वरूण पाठक का कहना है कि निजी स्कूल सुरक्षा दिशानिर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gurugram
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com