Bhai Dooj 2026: हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. इस साल ये त्योहार 11 नवंबर 2026 दिन बुधवार को मनाया जाएगा. इस पर्व को भैया दूज, भाई टीका और यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. ये त्योहार भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और उसकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. भाई दूज की पूजा में तिलक लगाने कि परंपरा का खास महत्व बताया गया है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि भाई को लाल, पीले और चंदन का तिलक लगाने का क्या महत्व होता है.
भाई दूज पर क्यों किया जाता है भाई का तिलक?
भाई दूज पर तिलक लगाने की परंपरा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन बहनें अपने भाई की आरती उतारती हैं, उसके माथे पर तिलक लगाती हैं और उसकी सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करती हैं. वहीं भाई अपनी बहन को उपहार देता है और जीवनभर उसका साथ देने तथा उसकी रक्षा करने का वचन देता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस परंपरा का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा से भी जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार यमुना ने अपने भाई यमराज को घर आमंत्रित किया और बड़े प्रेम से उनका स्वागत कर माथे पर तिलक लगाया. बहन के स्नेह से प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को आशीर्वााद दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि जो भाई इस शुभ दिन अपनी बहन के घर जाकर उसका आशीर्वाद प्राप्त करेगा, उसे लंबी आयु, सुख और समृद्धि का वरदान मिलेगा. तभी से भाई दूज का ये पावन पर्व मनाया जाता है.
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भाई को लाल तिलक लगाने का महत्व
लाल रंग हिंदू धर्म के धार्मिक अनुष्ठानों में सबसे अधिक इस्तेमााल किए जाने वाले रंगों में से एक माना जाता है. लाल तिलक, जो आमतौर पर कुमकुम या रोली से लगाया जाता है, शक्ति, साहस, ऊर्जा और शुभता का प्रतीक माना जाता है. भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई के माथे पर लाल तिलक लगाकर उसकी रक्षा, सफलता, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं. यही कारण है कि बहनों द्वारा किए जाने वाले इस पवित्र अनुष्ठान में लाल तिलक का बेहद खास महत्व होता है.
पीले तिलक का महत्व
पीला रंग हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है और ये ज्ञान, बुद्धिमत्ता, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. पीला तिलक आमतौर पर हल्दी या चंदन मिश्रित लेप से तैयार किया जाता है. भाई दूज के अवसर पर पीला तिलक लगाने का अर्थ भाई के ज्ञान, करियर में सफलता, सुख और समृद्धि की कामना करना होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हल्दी का खास महत्व है क्योंकि इसे पवित्रता, शुभता और नए कार्यों की मंगल शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.
चंदन के तिलक का महत्व
चंदन हिंदू पूजा-पाठ में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसकी खुशबू और धार्मिक महत्व के कारण इसे बेहद पवित्र माना जाता है. चंदन का तिलक शांति, पवित्रता, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रतीक माना जाता है. भाई दूज के दिन चंदन का तिलक लगाने का अर्थ बहन द्वारा अपने भाई के लिए शांत, सुखी, संतुलित और समृद्ध जीवन की कामना करना होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनूसार, चंदन भक्ति, श्रद्धा और मन की शांति से भी जुड़ा हुआ है. इसलिए कई लोग भाई दूज की पूजा में चंदन का तिलक लगाकर भाई के मंगलमय जीवन की प्रार्थना करते हैं.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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