आज 8 नवंबर, रविवार को दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है. ये त्योहार खुशियों, रोशनी और नई उम्मीदों का प्रतीक माना जाता है. इस दिन हर कोई अपने घर में सुख-शांति और धन-समृद्धि की कामना करता है. इसके बाद रात के समय मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. हालांकि, दिवाली की पूजा में सही समय का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्थिर लग्न में पूजा करना शुभ होता है. आइए जानते हैं आज दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, साथ ही जानेंगे पूजा विधि-
दिवाली पर इस शुभ मुहूर्त में करें मां लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की पूजा
पंचांग के अनुसार, स्थिर लग्न चार होते हैं और हर लग्न का अपना अलग महत्व है.
कुंभ लग्न: इस बार कुंभ लग्न दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. यह समय व्यापारियों और दुकानदारों के लिए शुभ माना जाता है. इस दौरान कारोबारी लोग अपने प्रतिष्ठान में पूजा कर सकते हैं.
वृषभ लग्न: दिवाली की मुख्य पूजा के लिए वृषभ लग्न को सबसे अच्छा माना गया है. इस बार यह शाम 5 बजकर 50 मिनट से रात 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. मान्यता है कि इस समय मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख और समृद्धि आती है. घर और दुकान दोनों जगह इस समय पूजा की जा सकती है.
सिंह लग्न: इसका समय रात 12 बजकर 40 मिनट से 2 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. इस लग्न में मां काली और मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है. मान्यता है कि इस समय पूजा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है.
घर पर ऐसे करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा- दिवाली की पूजा के लिए सबसे पहले एक साफ चौकी लें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं.
- इसपर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर या मूर्ति रखें.
- अब, कलश स्थापना करें. इसके लिए एक लोटे में पानी भरकर उसमें सुपारी, सिक्का, फूल, अक्षत और हल्दी डालें. लोटे में आम के पांच पत्ते लगाएं. नारियल पर तिलक लगाकर कलावा बांधें और उसे कलश के ऊपर रख दें.
- इसके बाद मां लक्ष्मी के पास भगवान विष्णु को सुपारी के रूप में विराजमान करें. मान्यता है कि जहां भगवान विष्णु होते हैं, वहीं मां लक्ष्मी का वास होता है. पूजा में सोने-चांदी के गहने, धनतेरस पर खरीदे गए बर्तन और कुछ रुपये भी रख सकते हैं.
- सबसे पहले फूलों से देवी-देवताओं पर जल छिड़कें. इसके बाद दीपक जलाकर पूजा शुरू करें. भगवान गणेश और विष्णु जी को जनेऊ और मौली अर्पित करें. मां लक्ष्मी को लाल चुनरी, तिलक, अक्षत, फूल और श्रृंगार का सामान चढ़ाएं.
- मां लक्ष्मी को कमल का फूल, कमलगट्टा, गोमती चक्र, कौड़ी, सुपारी और हल्दी की गांठ भी अर्पित करें. इसके अलावा गेहूं, चावल, धनिया, धान, पीली सरसों, काली उड़द और मूंग की दाल यानी सात अनाज चढ़ाएं.
- भोग में खील-बताशे, पांच तरह के फल, पंचमेवा और पान के पत्ते पर रखकर प्रसाद अर्पित करें. पूजा में अपनी श्रद्धा के अनुसार दक्षिणा भी रखें.
- अगर आपने दिवाली का व्रत रखा है, तो पूजा के दौरान व्रत कथा सुनें. अंत में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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