
एक जनमत सर्वेक्षण के अनुसार आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए को 227 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस 84 सीटों पर सिमट जाएगी।
इंडिया टीवी, टाइम्स नाउ और सी वोटर द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में कांग्रेस नीत यूपीए का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन करने का अनुमान लगाया गया है। वाईएसआर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्नाद्रमुक जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के बेहतर प्रदर्शन और आम आदमी पार्टी के उभरने की भी बात इसमें कही गई है।
जनमत सर्वेक्षण के अनुसार भाजपा को 543 लोकसभा सीटों में से अपने दम पर 202 सीटें मिलेंगी, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 84 सीटें मिलने की बात कही गई है। यह निचले सदन में 2009 में उसके सीटों की संख्या से 117 कम है। सर्वेक्षण में भाजपा नीत एनडीए को 217-237 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि कांग्रेस नीत यूपीए को 91-111 सीटें मिल सकती हैं।
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को अपने पहले लोकसभा चुनाव में सात सीटें मिल सकती हैं। सर्वेक्षण में बताया गया है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 24 सीटें हासिल कर सकती है, जो 2009 में हासिल सीटों से पांच अधिक होगा।
जयललिता की अन्नाद्रमुक के 27 सीटों के साथ शीर्ष गैर यूपीए और गैर एनडीए पार्टी के तौर पर उभरने का अनुमान है। पार्टी के फिलहाल लोकसभा में नौ सांसद हैं। वाम मोर्चा के अपनी स्थिति में सुधार करते हुए मौजूदा 24 से बढ़कर 27 सीटें हासिल करने का अनुमान है। सर्वेक्षण में समाजवादी पार्टी को 20 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यह निचले सदन में उसके मौजूदा सीटों से तीन कम होगा। मायावती की बसपा के इस बार भी 21 सीटें हासिल करने का अनुमान है।
सर्वेक्षण में जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाले वाईएसआर कांग्रेस को 13 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। 16 पार्टियों को मिलाकर बनने वाले संभावित तीसरे मोर्चे को 128 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। तृणमूल कांग्रेस, बसपा, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस समेत 15 क्षेत्रीय पार्टियों को मिलाकर बनने वाले संभावित चौथे मोर्चे को लोकसभा में 87 सीटें मिलने का अनुमान है। विज्ञप्ति के अनुसार यह सर्वेक्षण देश के 28 राज्यों में 15 जनवरी से 8 फरवरी के बीच किया गया।
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