विज्ञापन
This Article is From Mar 06, 2014

लालू के एक सीट बढ़ाने के साथ कांग्रेस का बिहार में राजद के साथ गठबंधन तय हुआ

पटना:

लंबी खींचतान और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के कांग्रेस को एक और सीट दिए जाने के साथ ही राजद, कांग्रेस और राकांपा के बीच लोकसभा चुनाव में गैरसांप्रदायिक गठबंधन बनाने को लेकर बुधवार को आम सहमति बन गई।

पटना स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर आज आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान राकांपा के प्रदेश प्रवक्ता अनिल कुमार झा की उपस्थिति में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के सांप्रदायिक शक्तियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए अपनी पार्टी के बिहार में राजद और राकांपा के साथ मिलकर 2014 का लोकसभा चुनाव लडने की घोषणा किए जाने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बताया कि कांग्रेस 12 और राकांपा एक सीट पर तथा राजद शेष 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।

लालू ने बताया कि आपसी तालमेल के तहत कांग्रेस जिन 12 सीटों पर चुनाव लड़ेगी उनमें सासाराम (सुरक्षित), किशनगंज, औरंगाबाद, सुपौल, हाजीपुर (सुरक्षित), पूर्णिया, पटना साहिब, नालंदा, समस्तीपुर (सुरक्षित), वाल्मीकिनगर, गोपालगंज (सुरक्षित), मुजफ्फरपुर तथा एक सीट कटिहार पर राकांपा चुनाव लड़ेगी तथा बाकी 27 सीटों पर राजद अपने उम्मीदवार खड़ा करेगी।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस और राकांपा के साथ तालमेल के तहत राजद जिन 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगा उनमें पश्चिम चंपारण पूर्वी चंपारण शिवहर सीतामढी मधुबनी, झंझारपुर अररिया मधेपुरा दरभंगा वैशाली सीवान महाराजगंज सारण उज्जियारपुर, बेगूसराय खगडिया भागलपुर बांका मुंगेर पाटलिपुत्र आरा बक्सर काराकट जहानाबाद गया (सुरक्षित) नवादा एवं जमुई (सुरक्षित) शामिल हैं।

कांग्रेस, राजद और राकांपा के बीच गठबंधन की यह घोषणा कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर लंबी खींचतान तथा उनके एक अन्य सहयोगी पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा के राजग की ओर खिसक जाने तथा लोकसभा चुनाव की घोषणा हो जाने के बाद अंतिम रूप ले पाया। उल्लेखनीय है कि पिछला लोकसभा चुनाव राजद और लोजपा ने बिहार में साथ मिलकर लडा था जबकि कांग्रेस अपने बलबूते चुनाव लड़ा था।

लालू ने गठबंधन के लिए तथा सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए एकजुट होकर चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के सभी अन्य राष्ट्रीय नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि आज देश पर सबसे बड़ा खतरा सांप्रदायिकता का है और सांप्रदायिक ताकतें एकता एवं अखंडता को नेस्तनाबूद तथा देश को बंटवारे के कगार पर खड़ा करना चाहती है। इसलिए वे सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से देश को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील करते रहे हैं।

लालू ने कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर सांप्रदायिकता का अलम बरदार होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी को देश और दुनिया जानती है और अभी तक अमेरिका ने उन्हें अपने यहां आने का वीजा नहीं दिया है।

लालू ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा बाबरी मस्जिद के विध्वंस बाद अब अपने गुप्त एजेंडों को लागू करने मंशा रखती है। ऐसे में इसलिए हमें (धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को) इकट्ठा होना जरूरी है। लालू ने पिछला लोकसभा चुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर नहीं लडने को अपनी भूल बताते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस, राजद और राकांपा ने काफी कोशिश करके आपसी तालमेल के साथ बिहार में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और अन्य छोटे दल जो भी उनके साथ आना चाहेंगे उनका स्वागत है।

लालू ने कांग्रेस, राजद और राकांपा के बीच इस गठबंधन के बाद इन दलों के बीच किसी भी संसदीय सीट पर दोस्ताना संघर्ष से इंकार किया।

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कोई फैक्टर नहीं बताते हुए लालू ने दावा कि नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार के मित्र हैं क्योंकि मोदी ने कल मुजफ्फरपुर की रैली में अपने भाषण में स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश उनसे कमरे के भीतर साथ मिलते थे, पर बाहर में उनके साथ हाथ मिलाने से डरते थे।

लालू ने अपने पुराने सहयोगी लोजपा के भाजपा के साथ चले जाने पर अपने लिए कोई खतरा होने से इंकार किया।

इससे पहले लालू ने कांग्रेस और राकांपा के क्रमश: 11 और 1 सीट का प्रस्ताव दिया था। इससे पूर्व बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि कांग्रेस बिहार में हमेशा की तरह सांप्रदायिक शक्तियों को कमजोर करने की विचारधारा रखती है। इसलिए 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने निर्णय लिया है कि अभी का जो समय है उसमें राजद के साथ गठबंधन करके इस चुनावी समर में सांप्रदायिक शक्तियों का मुंहतोड जवाब दें।

कांग्रेस के कौन-कौन राष्ट्रीय नेता बिहार में चुनाव प्रचार के लिए आएंगे के बारे में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि होली के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी बिहार दौरे पर आएंगे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ बिहार में साथ प्रचार किए जाने के बारे में पूछे जाने पर अशोक चौधरी ने कहा कि समय आएगा तो जरूर होगा।

राहुल के सजायाफ्ता जन प्रतिनिधियों को राहत पहुंचाने को लेकर अध्यादेश के फाड़े जाने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के उक्त अध्यादेश को वापस ले लिए जाने के बाद चारा घोटला मामले में सजा पाने वाले लालू प्रसाद की लोकसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी और अब लालू वर्तमान लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद जिनके मधुबनी से चुनाव लडने की चर्चा के कारण इन दोनों दलों के बीच अब तक गठबंधन नहीं हो पाने की बात कही जा रही थी, इसके बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि सांसद बनने से अधिक महत्वपूर्ण पार्टी और संगठन को प्रदेश में मजबूत करना है।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
लालू प्रसाद यादव, राजद कांग्रेस गठबंधन, लोकसभा चुनाव 2014, आम चुनाव 2014, Lalu Prasad Yadav, RJD Congress Alliance, Loksabha Polls 2014, Loksabha Elections 2014