
भाजपा ने आज साफ किया कि वह महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी और पार्टी ने इस बात के पर्याप्त संकेत दिए कि वह राकांपा की बाहर से समर्थन की पेशकश के खिलाफ नहीं है।
महाराष्ट्र में भाजपा बहुमत से पीछे दिखाई दे रही है और ऐसे में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'लोकतंत्र के नियमों के अनुसार सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का अधिकार है। भाजपा महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी।'
अपनी पूर्व सहयोगी शिवसेना की एक तरह से अनदेखी करते हुए उन्होंने कहा कि राकांपा ने खुद से 'बिना शर्त' बाहर से समर्थन का प्रस्ताव दिया है और वह सरकार में 'शामिल नहीं होना चाहती।'
राकांपा के प्रस्ताव पर भाजपा के फैसले के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा, 'कुछ देर इंतजार कीजिए। भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक जल्द ही होगी।'
बार बार पूछे जाने पर भी अमित शाह ने यही कहा कि भाजपा ने शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं तोड़ा था। शिवसेना को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'नतीजों से साबित हो गया है कि कौन सही है। जितनी सीटों की हमें पेशकश की जा रही थी, हम उनसे ज्यादा सीटों पर जीते हैं।'
भाजपा 288 सीटों में से 134 पर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन शिवसेना 119 से ज्यादा सीटें उसे देने को तैयार नहीं हुई। आज चुनाव परिणामों और अब तक के रुझानों के अनुसार कुछ छोटे सहयोगी दलों के साथ भाजपा 123 सीटें जीत सकती है।
शाह ने कहा, 'हम अपने सहयोगी का सम्मान करते हैं और सहयोगी दलों को साथ में रखना चाहते हैं लेकिन अपने कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचाकर नहीं।'
महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनावी जीत को 'कांग्रेस मुक्त भारत की दिशा में आगे दो और कदम' बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जीत मोदी सरकार के कामकाज, उसकी नीतियों और पिछले चार महीने में की गयी पहलों पर एक तरह से जनता की मुहर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदर्शन से कांग्रेस दोनों ही राज्यों में नेता प्रतिपक्ष के लायक भी नहीं रही। उन्होंने कहा कि इस जीत से साबित हो गया है कि मोदी देश के निर्विवाद नेता हैं और विरोधियों की यह सोच गलत साबित हो गयी है कि उपचुनावों में मामूली झटकों के बाद मोदी लहर समाप्त हो गई है।
शाह ने कहा, 'नतीजों से साबित हुआ है कि सुनामी की तरह मोदी लहर समूचे विपक्ष को समाप्त कर रही है।'
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