
लोकसभा चुनावों में टिकट नहीं दिए जाने पर वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी के मुद्दे पर बीजेपी नेता वेंकैया नायडू ने जोर देकर कहा है कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है तथा किसी वरिष्ठ नेता को किनारे करने का कोई सवाल नहीं है।
नायडू ने संवाददाताओं से कहा, बीजेपी के भीतर कोई मतभेद नहीं हैं। पार्टी एकजुट है। किसी को किनारे करने का कोई सवाल नहीं है। कोई आडवाणी जैसे नेता को किनारे करने के बारे में सोच ही कैसे सकता है, जो कि भारतीय राजनीति की एक कद्दावर हस्ती हैं। वह हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। पार्टी को और देश को उनकी जरूरत है... आडवाणी जी को एक विकल्प दिया गया था। उन्होंने गांधीनगर चुना।
नायडू ने कहा कि चुनाव में पार्टी की शानदार जीत की संभावनाओं को देखते हुए काफी उम्मीदें हैं। यदि एक सीट है और पांच उम्मीदवार हैं, तो हम केवल एक उम्मीदवार का चयन कर सकते हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर कुछ निराशा हो सकती है।
बाड़मेर से जसवंत सिंह के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के फैसले के बारे में पूछे जाने पर नायडू ने कहा, उन्हें टिकट नहीं मिला और उसी गुस्से के कारण हो सकता है कि उन्होंने कुछ कहा हो। मैं चाहता हूं कि जसवंत जी ऐसा कुछ नहीं करें। पार्टी ने हमेशा उनका सम्मान किया है। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। पार्टी ने उन्हें वित्त मंत्री बनाया। पार्टी ने उन्हें विदेश मंत्री बनाया, इसलिए उन्हें किनारे लगाने का कोई सवाल नहीं है।
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