बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई तो दी, लेकिन इसका पूरा श्रेय उन्हें देने से बचते हुए कहा कि पार्टी की इस अभूतपूर्व जीत में उनके नेतृत्व का कितना योगदान रहा इसका आकलन करने की जरूरत है।
बीजेपी के वयोवृद्ध नेता आडवाणी के रिश्ते मोदी से कोई बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी को अपने दम पर स्पष्ट बहुमत मिलने के स्पष्ट संकेत मिलने के बाद मोदी को फोन किया। पार्टी की जीत से भावुक आडवाणी जीत के जश्न का हिस्सा बनने के लिए पार्टी मुख्यालय भी गए।
उन्होंने कहा कि देश ने अपने इतिहास में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। उन्होंने बीजेपी की जीत को भ्रष्टाचार, कुशासन और वंशवाद के शासन के प्रति लोगों के गुस्से का परिणाम बताया और राजनीति में मौजूद लोगों से इससे सबक लेने को कहा।
किसी सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए आडवाणी ने कहा, हम उन जगहों से जीते हैं, जहां पहले कभी नहीं जीते। इन सब चीजों के बीच जो लोग सरकार में सत्ता में हैं और जो लोग राजनीति में हैं, उन्हें इस परिणाम का विश्लेषण करना चाहिए और सबक लेना चाहिए।
पार्टी के ऐतिहासिक प्रदर्शन का सारा श्रेय मोदी को देने से हिचकिचा रहे आडवाणी ने कहा, इस जीत में मोदी के नेतृत्व, आरएसएस और बीजेपी जैसे अन्य संगठनों के योगदान का विश्लेषण करना चाहिए। लेकिन आज के परिणाम मुख्यत: भ्रष्टाचार, कुशासन और वंशवाद के शासन के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि वह परिणाम से बहुत खुश हैं और कहा कि इस बात का गहन विश्लेषण होना चाहिए कि पार्टी को इस तरह का जनाधार कैसे मिला। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारत के इतिहास में ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं हुआ।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं