इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में पढ़ाई करना हर इंजीनियरिंग छात्र का सपना होता है. इसके पीछे वजह भी बड़ी है, देश के तमाम IITs से निकलकर आज लोग दुनिया की बड़ी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं और शुरुआती प्लेसमेंट पैकेज ही लाखों-करोड़ों रुपये तक पहुंच जाता है. यहां से पढ़कर सफल हुए कई लोग अपने संस्थान के प्रति इतने समर्पित हैं कि वो हर साल करोड़ों रुपये डोनेशन के तौर पर देते हैं. इसी बीच IIT धनबाद से पढ़े अमृत सागर चोपड़ा ने बड़ा ऐलान किया है और बताया है कि वो आजीवन अपने संस्थान को हर साल 1 करोड़ रुपये देंगे. उन्होंने अपने अल्मा मास्टर यानी संस्थान का कर्ज चुकाने के लिए ये फैसला लिया है, जिसकी अब हर तरफ चर्चा हो रही है.
कौन हैं अमृत सागर चोपड़ा?
अमृत सागर चोपड़ा IIT-ISM धनबाद के Alumni हैं. वो 1961 बैच के छात्र रहे हैं और उन्होंने यहां से माइनिंग इंजीनियरिंग का कोर्स किया था. इसके बाद इस फील्ड में अमृत सागर ने ऐसे मुकाम हासिल किए, जहां पहुंचना काफी मुश्किल होता है. आईबीएम से लेकर टीसीएस जैसी कंपनियों के साथ काम करने के बाद उन्होंने अपनी खुद की कंपनी खड़ी की और आज उनका टर्नओवर करोड़ों में है.
IIT धनबाद से निकलने के बाद बनाई पहचान
अमृत सागर चोपड़ा ने IIT धनबाद, (पहले ISM धनबाद के नाम से जाना जाता था) से अपने पढ़ाई पूरी करने के बाद बिजनेस जगत में अपनी खास पहचान बनाई. वो अपनी इस सफलता के पीछे संस्थान को बड़ा क्रेडिट देते हैं. उनका मानना है कि इसमें उनके टीचर्स और कॉलेज का बड़ा योगदान रहा है. यही वजह है कि अब उन्होंने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा संस्थान को देने का फैसला किया है.
इससे मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद होती है. साथ ही कैंपस में रिसर्च और इनोवेशन पर खर्च किया जाता है. हर साल संस्थान के ऐसे ही कई एल्युमिनाई लाखों या करोड़ों की मदद करते हैं. हालांकि हर साल एक करोड़ देने का ये मामला पहला और नया है.
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