What is Article 142 : NEET पेपर लीक को लेकर हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अदालत से संविधान के आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में 01 सितंबर को सुनवाई होने वाली है. ये खबर आते ही आर्टिकल 142 को लेकर चर्चा तेज हो गई है. लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर आर्टिकल 142 क्या है, इसका संबंध सर्वोच्च न्यायालय से कैसे है और इसका इस्तेमाल कब किया जाता है...
क्या है आर्टिकल 142?भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी भी लंबित मामले में "पूर्ण न्याय" (Complete Justice) सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश या डिक्री जारी करने का विशेष अधिकार देता है. इसका मतलब है कि अगर अदालत को लगता है कि सामान्य कानूनी प्रक्रिया (Standard legal procedure) से न्याय पूरा नहीं हो पाएगा, तो फिर सर्वोच्च अदालत इसका इस्तेमाल कर सकती है.
संविधान में साफ कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ऐसा कोई भी आदेश पारित कर सकता है, जो किसी मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए जरूरी हो. अदालत के ऐसे आदेश पूरे भारत में लागू होते हैं.
क्यों हो रही है चर्चा?इसलिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि NEET विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR को रद्द करने के लिए वह आर्टिकल 142 की विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करे. इस पर 1 सितंबर को विचार किया जाएगा. हालांकि, यह शक्ति केवल सुप्रीम कोर्ट के पास है और इसका उपयोग विशेष परिस्थितियों में ही किया जाता है.
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