Walt Disney Success Story: आज दुनिया में शायद ही कोई ऐसा हो, जिसने मिकी माउस (Mickey Mouse) या डिज्नीलैंड (Disneyland) का नाम न सुना हो. बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर किसी पर डिज्नी का जादू देखने को मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस शख्स ने इस सपनों की दुनिया को बनाया, उसे कभी 'निकम्मा' और 'बिना सोच वाला' कहकर नौकरी से निकाल दिया गया था. फिल्मी सी लगने वाली ये कहानी वॉल्ट डिज्नी की है. आइए जानते हैं नौकरी से निकाले जाने के बाद उन्होंने कैसे इतनी बड़ी कंपनी खड़ी की और उनकी सक्सेस स्टोरी.
'तुममें दिमाग नहीं है' कहकर नौकरी से निकाला
वॉल्ट डिज्नी (Walt Disney) को बचपन से ही कार्टून बनाने का बहुत शौक था. 22 साल की उम्र में उन्हें एक अखबार में कार्टूनिस्ट की नौकरी मिली, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके बॉस ने उन्हें यह कहकर नौकरी से निकाल दिया कि 'तुममें कोई इमेजिनेशन (कल्पना) नहीं है और तुम बहुत आलसी हो.'
डॉग फूड खाकर गुजारने पड़े दिन
बॉस की बात से निराश होने के बजाय वॉल्ट ने अपना खुद का एक एनिमेशन स्टूडियो 'लाफ-ओ-ग्राम' (Laugh-O-Gram) शुरू किया, लेकिन उनका यह बिजनेस बुरी तरह फ्लॉप हो गया. वॉल्ट इतने कर्ज में डूब गए कि उनके पास कमरे का किराया और खाने तक के पैसे नहीं बचे. हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें कई बार जानवरों का खाना (Dog Food) खाकर अपना पेट भरना पड़ा. वे अक्सर अपने ऑफिस की ठंडी फर्श पर ही सो जाया करते थे.
एक चूहे ने बदल दी किस्मत
जब वॉल्ट के पास कुछ नहीं बचा था, तब किस्मत ने एक अजीब खेल खेला. एक दिन वॉल्ट अपने कान्सस स्टूडियो में बैठे थे, तभी एक चूहा उनकी टेबल पर आ गया. उस चूहे की हरकतों को देखकर वॉल्ट के दिमाग में एक आइडिया आया. उन्होंने तुरंत एक चूहे का स्केच बनाया. यही दुनिया का सबसे पॉपुलर कार्टून 'मिकी माउस' (Mickey Mouse) था. मई 1928 में जब मिकी माउस पर्दे पर आया, तो उसने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया. बहुत कम लोग जानते हैं कि मिकी माउस के आइडिया को शुरुआत में 300 से ज्यादा लोगों ने रिजेक्ट कर दिया था. लोगों का कहना था कि पर्दे पर एक बड़ा चूहा देखकर महिलाएं डर जाएंगी. लेकिन वॉल्ट को अपने काम पर भरोसा था.
302 बार रिजेक्ट हुआ डिज्नीलैंड का आइडिया
मिकी माउस की सफलता के बाद वॉल्ट ने एक ऐसा पार्क बनाने का सपना देखा, जहां फैमिली एक साथ मस्ती कर सकें. उन्होंने इसे डिज्नीलैंड नाम दिया. लेकिन उनका यह सफर भी आसान नहीं था. उनकी पत्नी और भाई ने इसे पागलपन बताया. जब वॉल्ट बैंक से लोन मांगने गए, तो उन्हें 302 बार रिजेक्ट किया गया. लेकिन वॉल्ट रुके नहीं और आखिरकार 303वीं कोशिश में एक बैंक ने उन्हें लोन दिया और डिज्नीलैंड का जादुई सपना हकीकत बन गया.
आज कहां है डिज्नी कंपनी
16 अक्टूबर 1923 को एक गैराज से शुरू हुई ये कंपनी आज 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हो चुकी है. साल 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) 5 लाख करोड़ रुपए के करीब था. डिज्नी के थीम पार्क और मर्चेंडाइज पूरी दुनिया में फेमस हैं. भारत में आप जो डिज्नी हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) देखते हैं, उसे साल 2017 में डिज्नी ने ही खरीदा था. आज भारत के OTT मार्केट में इसका दबदबा है.
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