उत्तर प्रदेश में कई IAS और IPS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है. इस लिस्ट में जालौन के डीएम राजेश कुमार पांडेय का नाम भी शामिल है, जिन्होंने दो करोड़ रुपये का इनाम जीता था. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से उन्हें सम्मानित भी किया गया था. करीब तीन साल तक जालौन में रहने के बाद अब उन्हें बहराइच का नया डीएम बनाया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि IAS राजेश कुमार पांडेय कौन हैं और उन्होंने यूपी में ऐसा क्या किया, जिससे उन्हें इतना बड़ा सम्मान मिला.
कौन हैं राजेश कुमार पांडेय?
राजेश कुमार पांडेय 1997 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी हैं, उनका चयन सीधे IAS के लिए नहीं हुआ था. राजेश कुमार PCS अधिकारी बने थे, जिसके बाद 2012 में प्रमोट होकर IAS बन गए. पांडेय मूल रूप से यूपी के सुल्तानपुर जिले से आते हैं. लखनऊ से लेकर उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, बस्ती और सीतापुर जैसे जिलों में उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया. इसके बाद स्पेशल सेक्रेट्री के तौर पर काम करने के बाद उन्हें जालौन का डीएम बनाया गया था.
किस चीज के लिए मिला सम्मान?
आईएएस अधिकारी राजेश कुमार पांडेय को जल संरक्षण के क्षेत्र में कई बड़े काम करने के लिए सम्मानित किया गया. इस तरह के कामों के लिए उन्हें दो करोड़ रुपये का इनाम भी मिला. राष्ट्रपति से सम्मानित होने के बाद राजेश कुमार पांडेय का नाम खूब चर्चा में आया था और हर तरफ उनकी तारीफ हुई थी. इतना ही नहीं, उन्हें अपने प्रशासनिक कामों और सरकारी योजनाओं को लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए भी जाना जाता है.
जनसुनवाई और गौशालाओं को लेकर भी बेहतर प्रदर्शन
राजेश कुमार पांडेय को जालौन में जनसुवाई में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाना जाता है. लोग उनके पास अपनी समस्या लेकर आते थे तो उन्हें खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता था. इसके अलावा गौशालाओं के रखरखाव में भी उन्होंने शानदार काम किया. राजेश कुमार पांडेय ने पूरे जिले में मौजूद गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिनसे उनकी निगरानी होती रहे. जालौन के इस मॉडल की यूपी में खूब चर्चा हुई और बाकी जिलों ने भी इसे अपनाया.
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