बिहार के वैशाली में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 13 लोगों की मौत हो चुकी है. नाव पलटने के बाद उसमें सवार सभी लोग डूबने लगे, इन्हें बचाने की कोशिश तो हुई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. वैशाली के राघोपुर में जब एक साथ 13 लोगों की लाशें पहुंचीं तो पूरा गांव सन्न रह गया, हर तरफ चीख-पुकार मच रही थी और अपनों को ऐसे हाल में देखकर महिलाओं का कलेजा फट रहा था. इसी बीच वैशाली की डीएम वर्षा सिंह भी मौके पर पहुंचीं, उन्हें देखते ही वहां खड़ी महिलाएं उनके गले से लिपटकर रोने लगीं. इस भावुक पल में डीएम वर्षा सिंह भी खुद को नहीं रोक पाईं और उनकी आंखें भी नम हो गईं.
कौन हैं IAS वर्षा सिंह?
वर्षा सिंह बिहार के खगड़िया जिले से आती हैं और 2016 बैच की बिहार कैडर की आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें उनके शानदार काम के लिए जाना जाता है. यूपीएससी में उनकी अच्छी रैंक के बदौलत उन्हें अपना होम कैडर अलॉट हुआ था. अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग गोपालगंज में एसडीएम के तौर पर हुई थी, इस दौरान उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिन्हें लेकर उनकी खूब तारीफ हुई. वैशाली डीएम के पद पर तैनात होने से पहले वो अरवल की डीएम रह चुकी हैं. इसके अलावा बिहार में कई अहम पदों पर उन्होंने काम किया है.
वर्षा सिंह की पढ़ाई महाराष्ट्र के नागपुर से हुई है, यही वजह थी कि उनके पिता महाराष्ट्र कैडर चाहते थे. हालांकि वर्षा ने अपने होम कैडर बिहार को प्राथमिकता दी. उनका मानना है कि वो बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों की मदद कर सकती हैं और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग करने की कोशिश करती हैं.
पहली बार नहीं हुई चर्चा
आईएएस अधिकारी वर्षा सिंह को उनके जमीनी स्तर के कामकाज के लिए जाना जाता है. उनकी चर्चा पहली बार नहीं हुई है, इससे पहले वो बाढ़ के दौरान सुबह 4 बजे उफनती हुई गंडक नदी के पास जा पहुंची थीं. उन्होंने भारी जलभराव के बीच बैठकर बांध से रिसाव रोकने के कामकाज की निगरानी की और जब तक काम पूरा नहीं हुआ, वहीं डटी रहीं. इस दौरान डीएम वर्षा सिंह की तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं. इससे पहले भी लोगों के बीच बेहद सहज तरीके से रहने और उनसे जुड़ाव के लिए उनका नाम चर्चा में आया.
विरोध के बीच आई भावुक तस्वीर
वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा भी दिखा. डीएम वर्षा सिंह को देखते ही लोग भड़क गए और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इस दौरान डीएम शांत रहीं और उन्होंने पीड़ित महिलाओं के पास जाकर उनसे मुलाकात की. एक महिला, जिसने अपने बच्चों को इस हादसे में खोया था, वो डीएम से लिपटकर रोने लगी. इस दौरान आसपास मौजूद तमाम लोग भी भावुक हो गए.
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