उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में दो सेमेस्टर के पेपर लीक होने के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है. जिसके बाद शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत राज्य ने कहा है कि सभी शिक्षण संस्थानों में अगर कोई पेपर लीक होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी. साथ ही, उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की परीक्षाओं में अनियमितता के लिए कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक जिम्मेदार होंगे. उनके खिलाफ नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
उत्तराखंड सरकार हुई सख्त
दिल्ली के जंतर मंतर में हुए पेपर लीक मामले में छात्र आंदोलन के बाद राज्य सरकारें इस बात से अलर्ट हो गई है कि किसी भी हालत में चाहे प्रतियोगिता परीक्षा हो या शिक्षण संस्थान में पेपर लीक नहीं होना चाहिए, इसको लेकर कड़े निर्देश भी दिए गए हैं.
पेपर लीक होने से छात्रों के भविष्य से सीधा ना सिर्फ खिलवाड़ होता है बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से भी क्षति पहुंचती है इसलिए दिल्ली के जंतर मंतर में हुए पेपर लीक आंदोलन के बाद सख्ती बर्ती जा रही है.
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परीक्षा प्रबंधन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में परीक्षा प्रबंधन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी. इसके लिये विश्वविद्यालय प्रशासन को एक विश्वसनीय तंत्र विकसित करना होगा ताकि किसी भी प्रकार की परीक्षाओं में सुचिता, पारदर्शिता एवं गोपनियता बनी रहे.
प्रदेश तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पठन-पाठन व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सुचारू संचालन को शैक्षणिक कैलेंडर तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण को फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडपी) कैलेंडर लागू करना होगा. इसके अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को तय समय पर पूर्ण करना होगा.
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