अपने पहले अटेंप्ट में यूपीएससी के इंटरव्यू तक भी नहीं पहुंच पाने वाले लखनऊ के आदित्य श्रीवास्तव ने तीसरे अटेंप्ट में UPSC टॉप कर दिया. आदित्य श्रीवास्तव ने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई करने के बाद सिविल सर्विस में जाने का फैसला किया. जब आदित्य ने टॉप किया तो उनके पिता ये सुनकर इतने खुश हुए कि उनके हाथ-पैर कांपने लगे. आज हम आपको 2023 के AIR-1 आदित्य श्रीवास्तव की सक्सेस स्टोरी में बताएंगे कि कैसे उन्होंने ये मुकाम हासिल किया और इसमें उनके परिवार का क्या रोल था.
ऐसे बने UPSC टॉपर
साल 2019 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब आदित्य श्रीवास्तव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा दी तो वो इंटरव्यू तक भी नहीं जा पाए थे, इसके बाद 2022 में आदित्य श्रीवास्तव ने UPSC क्रैक कर लिया, लेकिन तब 236वीं रैंक हासिल की थी. आदित्य अपनी इस रैंक से खुश नहीं थे और उन्होंने फिर से 2023 में कोशिश की, जिसमें वो देशभर में पहले स्थान पर रहे, यानी यूपीएससी टॉपर बन गए.
पिता को नहीं हुआ यकीन
आदित्य के पिता अजय कुमार श्रीवास्तव ने उनके टॉपर बनने के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया था कि, "आदित्य बचपन से ही मेहनती थे. पहले अटेंप्ट के बाद अकादमी में आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान जब वो लंच पर आया हुआ था, तब उसने बताया कि पापा यूपीएससी का रिजल्ट आया है. हमने सोचा कि वो टॉप 50 में आ जाएगा. जब उसने बताया कि उसका पहला रैंक आया है तो मेरे हाथ-पैर कांपने लगे." उनकी मां ने बताया था कि आदित्य के पिता का पहले से ही ये सपना रहा था कि वो आईएएस अफसर बने, जो पूरा हो गया.
पढ़ाई में थे तेज तर्रार
आदित्य पहले से ही पढ़ाई में काफी तेज थे. उनके परिवार के लोगों का कहना है कि वो हर एग्जाम में अच्छे नंबर लाते थे और पढ़ाई के साथ कभी भी समझौता नहीं करते थे. रोजाना 12 घंटे की पढ़ाई ने उन्हें पहले आईआईटी तक पहुंचाया और फिर सिविल सर्विस में उनका चयन हुआ. आदित्य के स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि लखनऊ के सीएमएस ब्रांच में आदित्य ने 15 साल पढ़ाई की. 2014 में उन्होंने 12वीं पास किया था, 12वीं में उनके 97.5% नंबर आए थे.
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