संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम छह मार्च शुक्रवार को घोषित कर दिया गया है. इस बार भी UPSC रिजल्ट में रैंक सुधारने वाला ट्रेंड देखने को मिला है. हालांकि अब सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए UPSC ने सख्त नियम बना दिए हैं. इन नियमों के चलते रैंक सुधारने वाले ट्रेंड पर रोक लग जाएगी. सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है. अनुज अग्निहोत्री ने तीसरे प्रयास में ये परीक्षा टॉप की है. अनुज अग्निहोत्री के अनुसार उनका पहला प्रयास 2023 में था, जिसमें डेनिक्स सर्विस ( DANICS) मिली थी. लेकिन उन्होंने दोबारा से ये एग्जाम दिया और पहली रैंक हासिल की.
इसी तरह से मोनिका श्रीवास्तव जिन्होंने UPSC में 16वीं रैंक हासिल की है, साल 2023 के एग्जाम में उनकी 455वीं रैंक आई थी. उन्होंने दोबारा से ये परीक्षा देकर अपनी रैंक को सुधारा है. यानी UPSC में रैंक सुधारने वाला ट्रेंड खूब चलता आ रहा है. हालांकि अब सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए UPSC ने सख्त नियम बनाना दिए हैं. इन नियमों के चलते रैंक सुधारने वाले ट्रेंड पर रोक लग जाएगी.
क्या है नए नियम
UPSC ने रैंक सुधारने के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जो कि सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) 2026 से लागू होंगे. ये नियम उन कैंडिडेट्स के लिए हैं जिन्हें पहले ही कोई सर्विस मिल चुकी है और वे बेहतर रैंक या सर्विस के लिए दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं. नए नियमों के बाद कैंडिडेट्स बार-बार एग्जाम नहीं दे पाएंगे.
IAS और IFS ऑफिसर्स पर लगी पाबंदी
जो कैंडिडेट्स इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) या इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) के लिए अपॉइंट हुए हैं और काम कर रहे हैं. वो अपने पद पर रहते हुए दोबारा से UPSC एग्जाम नहीं दे पाएंगे. अगर कोई IAS या IFS ऑफिसर अपनी रैंक सुधारने या अपना कैडर/सर्विस बदलने के लिए दोबारा एग्जाम देना चाहता है, तो उसे नए एग्जाम साइकिल के लिए अप्लाई करने से पहले मौजूदा पोजीशन से इस्तीफा देना होगा.
वन-टाइम इम्प्रूवमेंट चांस
इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) या किसी सेंट्रल ग्रुप 'A' सर्विस में अलॉट हुए कैंडिडेट्स को अब CSE में बैठने के लिए "वन-टाइम इम्प्रूवमेंट" का मौका ही मिलेगा. हालांकि इसको लेकर भी कुछ शर्तें रखी गई हैं. कैंडिडेट्स को कोर्स/ट्रेनिंग में शामिल होने से पहले फॉर्मल छूट लेनी होगी. IPS ऑफिसर बेहतर रैंक के लिए एग्जाम दोबारा दे सकता है, लेकिन दोबारा उसे IPS पद नहीं मिलेगा.
| सर्विस का नाम | क्या सर्विस में रहते हुए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं? | क्या हैं शर्तें |
| IAS / IFS | नहीं | दोबारा एग्जाम देने के लिए पद से इस्तीफा देना होगा |
| IPS | हां | दोबारा IPS नहीं चुन सकते. ट्रेनिंग में छूट लेनी होगी. |
| ग्रुप 'A' | हां | सिर्फ़ एक बार सुधार का मौका |
2026 में IPS या ग्रुप 'A' सेंट्रल सर्विसेज़ में अलॉट हुए कैंडिडेट बेहतर रैंक के लिए CSE-2027 में शामिल हो सकते हैं. एक बार ट्रेनिंग से छूट मिल सकती है.
अगर कोई कैंडिडेट 2027 में बेहतर सर्विस हासिल करता है, तो उसे एक का चुनाव करना होगा; दूसरा अलॉटमेंट अपने आप कैंसल हो जाएगा.
अगर 2027 के अटेम्प्ट में नई सर्विस अलॉट नहीं होती है, तो कैंडिडेट अपनी 2026 की अलॉटेड सर्विस में वापस जा सकता है.
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