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Rajasthan Board Exams 2026: क्लास 12वीं परीक्षा का बदला गया समय, पेपर देने वाले छात्र जरूर देख लें अपडेटेड शेड्यूल

कई एग्जाम सेंटर्स की कैपेसिटी से अधिक स्टूडेंट्स के एनरोल होने के चलते बोर्ड ने एग्जाम की टाइमिंग बदली है. बोर्ड ने पाया की, 17 फरवरी के एग्जाम के लिए 140 से अधिक स्कूल ओवरक्राउडेड थे. जबकि 24 फरवरी के एग्जाम के लिए 450 से अधिक स्कूलों में ऐसी ही दिक्कतें थीं.

Rajasthan Board Exams 2026: क्लास 12वीं परीक्षा का बदला गया समय, पेपर देने वाले छात्र जरूर देख लें अपडेटेड शेड्यूल
राजस्थान बोर्ड क्लास 12 की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हो रही हैं जो कि 11 मार्च तक होंगी.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की और से 17 फरवरी और 24 फरवरी को होने वाली क्लास 12वीं की परीक्षा के समय में बदलाव किया है. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की और से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ये पेपर, अब सुबह की शिफ्ट की जगह शाम की शिफ्ट में होंगे. 17 फरवरी को कंप्यूटर साइंस और इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिकल परीक्षा है. जबकि 24 फरवरी को पेंटिंग की परीक्षा है. ये परीक्षा पहले सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक होनी थी. लेकिन अब शाम 2 बजे से 5:15 बजे तक होंगी.

राजस्थान बोर्ड क्लास 12 की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हो रही हैं. जो कि 11 मार्च तक होंगी. जबकि क्लास 10 की परीक्षाएं 12 फरवरी से 28 फरवरी तक होंगी. RBSE क्लास 12 परीक्षाओं 2026 की डेट शीट 19 दिसंबर, 2025 को जारी की गई थी.

क्यों बदला गया पेपर का टाइम

बताया जा रहा है कि कई एग्जाम सेंटर्स की कैपेसिटी से ज़्यादा स्टूडेंट्स के एनरोल होने के चलते बोर्ड ने एग्जाम की टाइमिंग बदली है. बोर्ड ने पाया की, 17 फरवरी के एग्जाम के लिए 140 से ज़्यादा स्कूल ओवरक्राउडेड हो सकते थे. जबकि 24 फरवरी के एग्जाम के लिए 450 से ज़्यादा स्कूलों में ऐसी ही दिक्कतें थीं. शिकायतों के बाद, शिक्षा विभाग ने तुरंत रिव्यू किया और एग्जाम शेड्यूल को बदलने का फैसला किया.

साल में दो बार होगी बोर्ड परीक्षा

RBSE की और से 2026-27 एकेडमिक सेशन से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी. पहली परीक्षा अनिवार्य होगी, जबकि दूसरी वैकल्पिक होगी. जिससे छात्रों को तीन विषयों तक में अपने स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा. RBSE का यह फैसला सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की और से शुरू किए गए दो-सेशन परीक्षा सिस्टम से प्रेरित होकर लिया गया है.. जिसके तहत छात्रों को एक एकेडमिक साल में दो बार परीक्षा देने की अनुमति होती है. फाइनल रिजल्ट के लिए दोनों में से बेहतर स्कोर को माना जाता है.

इस कदम का मकसद एग्जाम स्ट्रेस को कम करना, स्टूडेंट्स को ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देना और लगातार सीखने को बढ़ावा देना है.

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