NEET PG Marking System : NEET PG 2026 परीक्षा खत्म होने के बाद अब उम्मीदवारों आंसर-की का इंतजार है, ताकि वे अपने आंसर्स का मिलान कर सकें और यह अंदाजा लगा सकें कि परीक्षा में उनका प्रदर्शन कैसा रहा. बता दें इस साल NEET PG एग्जाम में कुछ जरूरी बदलाव भी देखने को मिले. सबसे बड़ी चेंजेज प्रश्नों की संख्या में की गई. पहले जहां परीक्षा में 200 प्रश्न पूछे जाते थे, वहीं इस बार घटाकर 180 कर दी गई. यानी एग्जाम कुल 720 अंक का हो गया. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि नीट पीजी का मार्किंग स्कीम, निगेटिव मार्किंग और टाई ब्रेकिंग नियय क्या है.
क्या है NEET PG 2026 की मार्किंग स्कीम?
NEET PG 2026 में हर प्रश्न MCQ यानी बहुविकल्पीय था.
- हर सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाएंगे.
- हर गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा.
- जिन प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया गया, उन पर कोई अंक नहीं मिलेगा.
उदाहरण के लिए, अगर किसी उम्मीदवार ने 120 प्रश्न सही और 20 प्रश्नों के गलत जवाब दिए हैं, तो उसे सही आंसर के 480 अंक मिलेंगे, जबकि गलत के लिए 20 अंक कटेंगे. यानी उसका एक्सपेक्टेड स्कोर 460 होगा.
Answer Key क्यों है जरूरी?
ऑफिशियल आंसर-की जारी होने के बाद कैंडिडेट्स अपने आंसर्स की तुलना NBEMS द्वारा जारी आंसर्स की से कर सकेंगे. इससे उन्हें रिजल्ट आने से पहले ही अपने स्कोर और रैंक का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी.
बराबर अंक आने पर कैसे तय होगी रैंक?
NEET PG में कई बार दो या अधिक उम्मीदवारों के अंक एक समान होते हैं. ऐसी स्थिति में NBEMS की टाई-ब्रेकिंग नीति लागू की जाती है.
सबसे पहले उस उम्मीदवार को वरीयता मिलेगी जिसके गलत उत्तर कम होंगे. अगर फिर भी बराबरी रहती है तो सेक्शन A में कम गलत उत्तर वाले उम्मीदवार को आगे रखा जाएगा. इसके बाद क्रमशः सेक्शन B, C, D और E में कम गलतियां करने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगी.
अगर सभी मापदंडों के बाद भी बराबरी बनी रहती है, तो MBBS की प्रोफेशनल परीक्षाओं में अधिक कुल अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को बेहतर रैंक मिलेगी. लास्ट में अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जाएगी.
यह भी पढ़ें- NEET UG Counselling: Float ऑप्शन चुनने वाले उम्मीदवारों के लिए MCC ने जारी की डेडलाइन, इस डेट तक करें Document अपलोड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं