झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की तरफ से आयोजित की गई संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. हजारों की संख्या में अभ्यर्थी इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार कई दिनों से धरना जारी है. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें सड़कों पर छात्रों और अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ रहा है. झारखंड के बाहर रहने वाले लोगों को इस बड़े हो रहे प्रदर्शन को लेकर इतनी जानकारी नहीं है, ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि आखिर ये छात्र किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरा विवाद क्या है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसके बाद 2 जुलाई को इसका रिजल्ट जारी किया गया. रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि OMR शीट्स और रिजल्ट में गड़बड़ी है, आरोप लगाया गया कि एक ऐसी कंपनी को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई, जो पहले से ब्लैकलिस्ट थी. कुछ दावे सही पाए गए और इस पूरे मामले को तुरंत सीआईडी को सौंप दिया गया.
JPSC चीफ का इस्तीफा
परीक्षा में गड़बड़ी की आंच सीधे झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष एल खियांग्ते तक पहुंच गई, सीआईडी ने उनके दफ्तर में छापेमारी शुरू की और इसी दौरान 22 जुलाई को खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया. इस मामले में अब तक 10 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और लगातार सीआईडी छापेमारी कर रही है.
क्या है अभ्यर्थियों की मांगें?
- सीबीआई से पूरे मामले की जांच करवाना
- JPSC और JSSC की पिछले 7 साल में हुई भर्ती परीक्षाओं की भी जांच
- इस साल हुई संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना
- OMR शीट्स में पांचवा विकल्प not attempted शामिल करना
सीएम का भी इस्तीफा मांग रहे अभ्यर्थी
JPSC के खिलाफ सड़कों पर उतरे कुछ अभ्यर्थी सीएम हेमंत सोरेन का भी इस्तीफा मांग रहे हैं. उनका कहना है कि अगर परीक्षा में इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी खुद सीएम को लेनी चाहिए. विपक्षी राजनीतिक दलों के छात्र संगठन भी इस प्रदर्शन में जुड़ रहे हैं.
ये भी पढ़ें - JPSC परीक्षा धांधली में CID की अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक; 4 जिलों के 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं