विज्ञापन

ऐसे जानें CBSE बोर्ड परीक्षाओं के लिए कितने तैयार हैं आपके बच्चे?

यहां आप जान सकते हैं कुछ ऐसे तरीके जो बताएंगे कि आपका बच्चा बोर्ड परीक्षा के लिए कितना प्रिपेयर हो चुका है. चलिए जानते हैं ये चैक करने के कुछ आसान तरीके.

ऐसे जानें CBSE बोर्ड परीक्षाओं के लिए कितने तैयार हैं आपके बच्चे?

Board exam tips for Parents : सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आती हैं तो बच्चों से ज्यादा टेंशन पेरेंट्स को हो जाती है. हर पेरेंट ये जानना चाहता है कि उनका बच्चा इस एग्जाम के लिए कितना तैयार है. शायद आप भी ऐसे ही किसी बच्चे के पेरेंट हो और ये जरूर जानना चाहते होंगे कि क्या आपका बच्चा बोर्ड एग्जाम के लिए रेडी हो चुका है या नहीं. आपकी इस उलझन को सुलझाने के लिए हम यहां पर कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिससे आपको समझने में आसानी होगी की आपका बच्चा बोर्ड परीक्षा के लिए कितना प्रिपेयर हो चुका है. 

UP Board Exam Tips: कॉपी लिखने का बदलें अंदाज, टॉपर्स की तरह हेडिंग और डायग्राम से पाएं पूरे नंबर

सिलेबस और रिवीजन पूरा हो चुका है?

सबसे पहले ये देखें कि बच्चे का पूरा सिलेबस कवर हो चुका है या नहीं. अगर अब भी कुछ चैप्टर बचे हैं. तो सबसे पहले उन्हें पूरा करने पर जोर दें. साथ ही ये भी चैक करें कि बच्चा रेगुलर रिवीजन भी करे. बिना रिवीजन के पढ़ाई लंबे समय तक याद नहीं रहती.

सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट

CBSE हर साल सैंपल पेपर जारी करता है. अगर बच्चा इन पेपर्स को एक टाइम लिमिट में सॉल्व कर लेता है तो समझिए कि वो बोर्ड के लिए तैयार है. फिर भी हफ्ते में कम से कम 2-3 मॉक टेस्ट जरूर करवाएं. इससे बच्चे को एग्जाम पैटर्न समझने, टाइम मैनेजमेंट सुधारने और कमजोर टॉपिक पहचानने में मदद मिलती है.

टाइम मैनेजमेंट और प्रेजेंटेशन स्किल

परीक्षा में सिर्फ सही जवाब आना ही काफी नहीं होता.उन्हें सही तरीके से लिखना भी जरूरी है. देखें कि बच्चा तय समय में पूरा पेपर कर पा रहा है या नहीं. साथ ही आंसर की हेडिंग, डायग्राम और स्टेप वाइज सॉल्यूशन पर भी ध्यान दें.

मेंटली मजबूत करें

अगर आपका बच्चा बहुत ज्यादा स्ट्रेस में है, चिड़चिड़ा या नींद से परेशान है, तो उसे रिलेक्स करना भी जरूरी है. रोज पढ़ाई से थोड़ा ब्रेक दिलाएं, पर्याप्त नींद और पॉजिटिव बातचीत करें. इससे बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा.  

बच्चे के सपोर्ट सिस्टम बनें

माता-पिता का रोल सपोर्ट सिस्टम का होता है, प्रेशर बनाने का नहीं. बच्चों को कंपेयर करने की जगह उन्हें मोटिवेट करें और रूटिन अच्छा रखें. इससे आपका बच्चा ज्यादा आसानी से एग्जाम के लिए खुद को तैयार कर सकेगा.
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com