- नवनीत सिकेरा का जन्म 22 अक्टूबर 1971 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ
- पिता के साथ हुई पुलिस द्वारा बदसलूकी ने नवनीत सिकेरा को आईपीएस अधिकारी बनने की प्रेरणा दी
- उन्होंने IIT रुड़की से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी नवनीत सिकेरा आज 22 अक्टूबर 2026 को अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं. उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले नवनीत सिकेरा 'भौकाल आईपीएस' और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर भी पहचान बना चुके हैं. एडीजी नवनीत सिकेरा मूल रूप से एटा जिले के रहने वाले हैं. उनकी सफलता की कहानी संघर्ष, आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल मानी जाती है. उनको जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर खूब बधाइयां मिल रही हैं.
आईपीएस नवनीत सिकेरा की सक्सेस स्टोरी
22 अक्टूबर 1971 को जन्मे नवनीत सिकेरा को उनके पिता के साथ हुई बदसलूकी ने आईपीएस अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया. हुआ यूं कि उनके पिता मनमोहन सिंह को कुछ धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे. शिकायत लेकर जब वे पुलिस थाने पहुंचे तो पुलिस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया और उन्हें थाने से बाहर कर दिया गया. यह घटना उस समय की बताई जाती है, जब नवनीत सिकेरा दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे थे.
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पिता के अपमान ने बदल दी जिंदगी की दिशा
पिता के साथ हुए इस व्यवहार का नवनीत सिकेरा पर गहरा असर पड़ा. उन्होंने उसी दौरान संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू कर दी. खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली. इसके बाद वे अपने होम कैडर उत्तर प्रदेश में वर्ष 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी बने.
@navsekera छोटे भाई जैसा स्नेह देने वाले मार्गदर्शक, मित्र व शुभचिंतक - ADG-UPPolice-IPS नवनीत सीकेरा सर को जन्म दिवस की अनंत शुभकामनायें। ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ्य रखें यही कामना है। Happy Birthday Navniet Sekera Sir❤️🌹 https://t.co/N1VICVniq7
— Deepak Gupta (@deepakstp7) October 22, 2026
अंग्रेजी नहीं आती थी, कॉलेज से लौटाने की दी गई सलाह
अपनी संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए नवनीत सिकेरा ने बताया था कि उन्होंने एटा जिले के एक ऑल बॉयज स्कूल से हाईस्कूल पास किया. इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे. यहां हंसराज कॉलेज में बीएससी में दाखिला लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अंग्रेजी नहीं आने के कारण प्रवेश देने से मना कर दिया गया.
अंग्रेजी न आने की वजह से फॉर्म नहीं मिलने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने कड़ी मेहनत की, दिल्ली और आगरा से किताबें खरीदीं और आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने आईआईटी रुड़की से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरी की.

32 साल की उम्र में बने लखनऊ के सबसे युवा SSP
आईपीएस बनने के बाद नवनीत सिकेरा ने अपनी कार्यशैली और पुलिसिंग से अलग पहचान बनाई. उन्हें महज 32 वर्ष की उम्र में लखनऊ का सबसे युवा एसएसपी बनने का गौरव हासिल हुआ. उनकी गिनती उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे चर्चित अधिकारियों में होने लगी.
उत्तर प्रदेश पुलिस में सर्वश्रेष्ठ लेखक एवं अपर पुलिस महानिदेशक-फिरोजाबाद की पावन मांटी ग्राम कटैना हर्षा के लाड़ले सपूत श्री नवनीत सिकेरा जी के जन्मदिन पर.. संवेदना फाउंडेशन परिवार की ओर हार्दिक बधाई अनन्त शुभकामनाएं.. @navnitsekera https://t.co/BZZSBFEbfz
— Neeru Yadav (@NeeruYadav_UP) October 22, 2026
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में मिली देशभर में पहचान
उत्तर प्रदेश कैडर में आईपीएस बनने के बाद नवनीत सिकेरा के नेतृत्व में कई बड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया गया. यूपी के कुख्यात गैंगस्टर रमेश कालिया के एनकाउंटर के बाद उनका नाम देशभर में चर्चा में आ गया. इसी वजह से उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर भी पहचान मिली.
राष्ट्रपति पदक से हो चुके हैं सम्मानित
पुलिस विभाग में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए नवनीत सिकेरा को वर्ष 2005 और 2013 में राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. उनकी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के प्रयासों को व्यापक सराहना मिली. MX Player पर प्रसारित लोकप्रिय वेब सीरीज 'भौकाल' की कहानी नवनीत सिकेरा की पुलिसिंग पर आधारित मानी जाती है. लखनऊ और मुजफ्फरनगर में गैंगवार की घटनाओं पर नियंत्रण पाने का श्रेय भी नवनीत सिकेरा को दिया जाता है. इसी वजह से वे आज भी उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे चर्चित अधिकारियों में गिने जाते हैं.
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